लक्ष्य के करीब पहुंचा रक्षा सामग्री का उत्पादन

जबलपुर की चारों निर्माणियों 30 मार्च तक पूरा करना है टारगेट

By: Sanjay Umrey

Published: 29 Mar 2019, 07:30 AM IST

जबलपुर। सेना के लिए रक्षा उत्पादन के मामले में इस साल शहर की आयुध निर्माणियां अपने लक्ष्य के करीब पहुंच गई हैं। इनमें 30 मार्च तक आयुध निर्माणी बोर्ड से मिला लक्ष्य पूरा करना है। लक्ष्य 35 सौ करोड़ से ज्यादा है। अभी तक चारों जगहों का आंकड़ा तीन हजार करोड़ के नजदीक है। ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) का दावा है कि लक्ष्य पूरा किया जा चुका है।
आयुध निर्माणियां तीनों सेनाओं के लिए अलग-अलग रक्षा सामग्री तैयार करती हैं। इस साल कुछ नए प्रोजेक्ट भी इनके पास आए। पहले की तुलना में आयुध निर्माणी बोर्ड से मिला लक्ष्य काफी कम है। इस मामले में सबसे बड़ी समस्या समय पर कच्चा माल उपलब्ध कराने की थी। इसमें लेटलतीफी पूरे वित्तीय वर्ष चली।
ओएफके
ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) को इस साल 15 सौ करोड़ से ज्यादा का उत्पादन लक्ष्य मिला था। सूत्रों ने बताया कि 1350 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन किया चुका है। हालांकि मैंगो प्रोजेक्ट को मिलाया जाता तो लक्ष्य का आंकड़ा 350 करोड़ बढ़ जाता। मटेरियल की कमी के कारण यह तय मात्रा में तैयार नहीं हो सका है।
वीएफजे
वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) को करीब 11 सौ करोड़ के सैन्य वाहनों का ऑर्डर है। सूत्रों का कहना है कि फैक्ट्री लक्ष्य के नजदीक है। अक्टूबर में करीब 28 सौ वाहनों की डीपी मिली थी।
यह काम भी तेज हो गया है। 22 सौ स्टालियन में अभी तक करीब 14 सौ और 750 एलपीटीए में लगभग 460 वाहन तैयार किए गए। इसी प्रकार वाटर बाजउर व दूसरे काम भी पूरे किए गए।
जीसीएफ
गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) के पास करीब 632 करोड़ का उत्पादन लक्ष्य था।
यहां के प्रमुख उत्पादों में धनुष तोप, लाइट फील्ड गन और एल-70 गन के अपग्रेडेशन के अलावा मोर्टार, एमुनेशन बॉक्स और टैंक के उत्पाद हैं। सूत्रों का कहना है कि यहां भी लक्ष्य छह सौ करोड़ के करीब पहुंच गया है। अभी फैक्ट्री के पास दो दिन का वक्त है।
जीआइएफ
ग्रे आयरन फाउंड्री (जीआइएफ) देश की सबसे छोटी आयुध निर्माणियों में शामिल है। फाउंड्री को इस साल करीब 140 करोड़ रुपए के उत्पादन का लक्ष्य मिला था। फाउंड्री 125 करोड़ के पास तक लक्ष्य को पहुंचा चुकी है। फैक्ट्री में बम बॉडी ढाली जाती हैं। इस साल करीब 10 हजार एरियल बनाना थे, यह काम पूरा होने को है।
आयुध निर्माणी बोर्ड से वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए जितना भी काम मिला था, वह लगभग पूरा हो चुका है। इस जानकारी से बोर्ड को भी अवगत करा दिया गया है।
अमित सिंह, जनसम्पर्क अधिकारी ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया

Sanjay Umrey
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned