लॉकडाउन में प्रोफेसर ने बना डाले 25 वीडियो लैक्चर्स 2 रिसर्च पेपर

प्रोफेसर डॉ.तिवारी ने छात्रों को ऑनलाईन स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने की पहल, 100 वीडियो लैक्चर्स तैयार करने का बनाया लक्ष्य, कोविड-19 से प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था पर भी दो रिसर्च पेपर बनाए, दूसरों के लिए मिसाल की पेश

By: Mayank Kumar Sahu

Updated: 23 Apr 2020, 02:20 PM IST

मयंक साहू @ जबलपुर.

लॉकडाउन के समय का कैसे समय का सदुपयोग छात्र हित और शिक्षा के हित में किया जाए यह कर दिखाया है एक प्रोफेसर ने। उन्होंने छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 25 वीडियो लैक्चर्स खुद तैयार कर दिए तो वहीं कोविड-19 पर दो रिसर्च पेपर भी तैयार कर यूजीसी को भेजे जा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं शहर के नवयुग कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. संजय तिवारी की। उन्होंने लॉक डॉउन समय का सदुपयोग छात्रों के ज्ञान में वृद्धि के लिए, रिसर्च पेपर, संपादित पुस्तकों में किया। उन्होंने छात्रों के लिए यू-ट्यूब वीडियो का निर्माण किया। अभी तक 25 वीडियो बनवा चुके हैं। प्रो.तिवारी ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि 100 वीडियो इस पीरियड के दौरान तैयार किए जाएं। ताकि अधिक से अधिक लाभ छात्रों को इस दौरान मिल सके।

यूजीसी के जर्नल में होंगे प्रकाशित
बताया जाता है उनके द्वारा इस दौरान लिखित दो रिसर्च पेपर यूजीसी के केअर जर्नल में प्रकाशित होंगे। यह रिसर्च पेपर अंग्रेजी और हिंदी भाषा में लिखे गए हैं। एक रिसर्च पेपर इम्पैक्ट ऑफ कोविड-19 ऑन इंडियन इकोनॉमी एवं दूसरा रिसर्च पेपर इम्पैक्ट ऑफ कोविड-19 ऑन ग्लोबल इकोनॉमी पर लिखा है।

प्रत्येक पल भूतकाल
गोल्डमेडलिस्ट एवं वाणिज्य, एमबीए, एचआरएम के प्राध्यापक डॉ. संजय तिवारी कहते हैं कि लॉकडाउन के दौरान उनके मन में यह ख्याल आया कि वे कैसे इस महत्वपूर्ण समय का उपयोग शिक्षा में करें। दूसरे दिन ही वे अपने लक्ष्य में जुट गए। उनका कहना है कि प्रत्येक पल भूतकाल मे परिवर्तित हो रहा अत: उसका सदुपयोग वर्तमान में सभीं करे। इसके अलावा आध्यत्म विज्ञान और गांधीवादी विचारधारा पर लिखित दो किताबें के प्रकाशन पर काम चल रहा है जो कि सम्भवत: जून तक प्रकाशित हो जाएगी। अभी तक 35 किताबें लिख चुके हैं।

Mayank Kumar Sahu Reporting
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