scriptpure gold jewellery purchased customers from 1 december | 30 नवंबर के बाद बिकेंगे सिर्फ शुद्ध सोने के गहने, सरकारी अधिकारी रखेंगे नजर | Patrika News

30 नवंबर के बाद बिकेंगे सिर्फ शुद्ध सोने के गहने, सरकारी अधिकारी रखेंगे नजर

30 नवंबर के बाद हो सकती है रजिस्टर्ड फर्म की जांच
नियमों का पालन करना होगा जरूरी
हॉलमार्क ज्वेलरी की जांच के लिए अब मानक ब्यूरो के अधिकारी रखेंगे नजर

जबलपुर

Published: November 18, 2021 01:52:32 pm

जबलपुर। हॉलमार्क ज्वेलरी बेचने की अनिवार्यता का कानून लागू होने के बाद अब भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) फर्मों की जांच की प्रकिया शुरू कर सकता है। अभी 30 नवंबर तक इसमें सरकार की तरफ से छूट है। अब संदेह के आधार पर अधिकारी रजिस्टर्ड फर्म में यह जांच कर सकते हैं कि नियमानुसार हॉलमार्क ज्वेलरी की बिक्री की जा रहा है या नहीं। अभी यह अधिकारी शहर में स्थित हॉलमार्क सेंटर का भ्रमण करते हैं।

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देशभर के 256 जिलों में 23 जून 2021 से 14, 18 और 22 कैरेट स्वर्ण आभूषणों और कलाकृतियों के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया जा चुका है। इसमें जबलपुर जिला भी शामिल है। इसलिए इन आभूषणों की बिक्री के लिए बीआइएस में पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। जिले में लगभग 800 सौ छोटी और बड़ी दुकानों को मिलाकर करीब 100 कारोबारियों ने इसमें पंजीयन कराया है। बाकी सराफा कारोबारी पंजीयन कराने के दायरे में नहीं आते।

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चालीस लाख से कम टर्नओवर तो दिक्कत नहीं
जानकारों ने बताया कि हॉलमार्क की अनिवार्यता के बीच यह भी तय है कि जिन सराफा कारोबारियों का सालाना कारोबार 40 लाख रुपए से नीचे का है, उन्हें रजिस्टे्रशन की आवश्यकता नहीं होगी। यदि वे हॉलमार्क ज्वेलरी बेचते हैं, तो पंजीयन कराना जरूरी होगा। ऐसे में इन दुकानों की जांच भी बीआइएस के अधिकारी कर सकते हैं। लेकिन, जिनका रजिस्टे्रशन नहीं है, वहां तक इनकी पहुंच नहीं होगी, जब तक कि कोई ग्राहक दुकान या सोने की ज्वेलरी की शुद्धता एवं वजन सहित अन्य प्रकार की शिकायत बीआइएस से नहीं करे। जिले में 60 से 70 प्रतिशत कारोबारी ऐसे हैं, जो इसके दायरे में नहीं आएंगे। सराफा एसोसिएशन जबलपुर के मंत्री अनूप अग्रवाल का कहना है कि कारोबारियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है बस अपने सारे दस्तावेज अपडेट रखें। इसके अलावा 40 लाख के नीचे वार्षिक टर्नओवर वाले के लिए तो रजिस्टे्रशन भी जरूरी नहीं है।

यह है स्थिति

- जिले में 800 से ज्यादा सराफा कारोबारी।
- 100 से ज्यादा कारेाबारियों ने कराया पंजीयन।
- 60 से 70 फीसदी में 40 लाख से नीचे कारोबार।
- शहर में तीन हॉलमार्क सेंटर का संचालन।
- 30 नवंबर तक बीआइएस की जांच से छूट।

जिले में तीन सेंटर
जिले में हॉलमार्क सेंटर की संख्या बढकऱ तीन हो गई है। ऐसे में हॉलमार्क कराने की समस्या भी थोड़ी कम हुई है। इनमें दो सेंटर सराफा बाजार में संचालित होते हैं, तो तीसरा सिविक सेंटर में चलता है। हॉलमार्क में तमाम प्रकार के निशान के अलावा छह अंकों का एचयूआइडी कोड भी अंकित करना जरूरी है।

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