टेंडर प्रक्रिया से शराब दुकानों का आवंटन बना सिरदर्द

चालू वित्तीय वर्ष से भी कम आई टेंडर की दरें, सात शराब दुकानों के लिए पूरी नहीं हो पाई प्रक्रिया

 

By: prashant gadgil

Published: 29 Mar 2019, 12:00 AM IST

जबलपुर। नवीनीकरण के बाद टेंडर प्रक्रिया से दुकानों का आवंटन आबकारी विभाग के लिए मुश्किल काम हो गया है। जिले में तीन ग्रुप की सात दुकानें हैं जिनका टेंडर किया गया है। इनमें देशी एवं विदेशी शराब की दुकानें शामिल हैं। टेंडर में जो दरें आ रही हैं वह वर्तमान दर से भी कम हैं। एेसे में इनका आवंटन मुश्किल हो रहा है। अब फिर से निविदा बुलाकर दरें मंगाई जा रही हैं। जिले में 143 शराब दुकानों का संचालन जो 46 समूह कर रहे हैं उनमें से 42 के नवीनीकरण के आवेदन पूर्व में जिला समिति की बैठक में स्वीकृत किए गए थे। दूसरी तरफ चार समूहों की दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें अभी शहपुरा समूह की तीन दुकानों का नवीनीकरण हो गया है। जिला समिति की बैठक में इस समूह की दुकानों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया गया था।

इस समूह ने आबकारी आयुक्त के यहां बाकी दुकानों के नवीनीकरण के नियमों की तरह उन्हें भी आवंटन की अपील की। इस पर समूह के पक्ष में फैसला लिय गया। यानी इस समूह को भी 20 फीसदी अधिक दर पर लाइसेंस दे दिया गया है। अब तीन ग्रुप की सात दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ज्ञात हो कि लाइसेंस नवीनीकरण होने से आबकारी विभाग को अगले वित्तीय वर्ष में करीब 478 करोड़ का राजस्व मिलेगा।

 

 

prashant gadgil Desk
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