एमपी के इस शहर में अफसरों ने सरेआम की करोड़ों रुपए की अवैध वसूली, ऐसे सामने आया सच

एमपी के इस शहर में अफसरों ने सरेआम की करोड़ों रुपए की अवैध वसूली, ऐसे सामने आया सच

deepak deewan | Publish: Dec, 08 2017 12:27:31 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

हाईकोर्ट ने नगर निगम को जारी किया नोटिस, चार सप्ताह में मांगा जवाब


जबलपुर. संपत्तिकर के रूप में नगरनिगम ने ऐसे स्थानों से भी वसूली कर ली जोकि कानूनन संपत्तिकर के दायरे में आते ही नहीं है। कई ऐसे गांवों के ग्रामीणों से अवैध रूप से करोड़ों रुपए संपतिकर जमा करा लिया गया। अब इसका विरोध किया जा रहा है। इसके लिए हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई है। याचिकाकर्ता के अनुसार जबलपुर शहर को छह जोन में बांटा गया था। सबसे अधिक सम्पत्तिकर की दर जोन १ व सबसे कम जोन ६ की है। नए गावों सुहागी, महाराजपुर, रिछाई, बिलपुरा, मढ़ई को जोन ७ के तहत रखा गया है। इसके लिए सम्पत्तिकर से सम्बंधित नियम नहीं बने हैं। इसके बावजूद निगम निवासियों से जोन क्रमांक ४ एवं ५ की दरों से सम्पत्ति कर वसूल रहा है।
नगर निगम को जारी किए नोटिस
मप्र हाईकोर्ट ने जबलपुर नगरीय सीमा में शामिल नए गांवों से सम्पत्ति कर वसूल करने पर नगर निगम को नोटिस जारी किए हैं। जस्टिस जेके महेश्वरी की कोर्ट ने पूछा है कि इन गांवों से नियमविरुद्ध सम्पत्तिकर क्यों वसूला जा रहा है? चार सप्ताह में जवाब मांगा है। वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सुहागी के सचिव कुंवर सिंह की ओर से याचिका दायर कर कहा गया है कि सम्पत्तिकर अधिरोपण के लिए राज्य सरकार ने १९९७ में अधिसूचना जारी कर निगम को जोन में बांटने के नियम बनाए थे। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने कोर्ट को इस मामले में विस्तार से बताया।
जोन ७ के तहत आते हैं गांव
अधिवक्ता शेखर ने कोर्ट को बताया कि इस नियम के आधार पर शहर को छह जोन में बांटा गया था। सबसे अधिक सम्पत्तिकर की दर जोन १ व सबसे कम जोन ६ की है। नए गावों सुहागी, महाराजपुर, रिछाई, बिलपुरा, मढ़ई को जोन ७ के तहत रखा गया है। इसके लिए सम्पत्तिकर से सम्बंधित नियम नहीं बने हैं। इसके बावजूद निगम निवासियों से जोन क्रमांक ४ एवं ५ की दरों से सम्पत्ति कर वसूल रहा है।

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned