शिक्षा और तकनीक को दूसरे विवि से साझा करेगा यह विश्वविद्यालय

राजभवन में बैठक के बाद हरकत में आया विवि प्रशासन

जबलपुर. रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में हो रहे नवाचारों, शिक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और तकनीक को अन्य विश्वविद्यालयों से साझा किया जाएगा। इसके लिए विवि प्रशासन विभागों की प्रोफाइल तैयार कर हा है। यह कवायद हाल ही में राजभवन में हुई बैठक के बाद की जा रही है। अगले एक से डेढ़ माह में रादुविवि में कुछ नए बदलाव देखने को मिलेंगे। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों की क्षमताओं का विस्तार करना है।
आरजीपीवी से किया टाईअप
प्रक्रिया के तहत रादुविवि प्रशासन ने आरजीपीवी के साथ टाईअप किया है। अन्य विश्वविद्यालयों से एमओयू साइन किया जाएगा। आरजीपीवी ने ऑटोमेशन की दिशा में काम शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय से जुड़े कार्यों, उपलब्धियों और एकेडमिक क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी मांगी है।
22 देशों के बीच सहभागिता
रादुविवि के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को दूसरे विवि तक पहुंचाया जाएगा। विवि की कल्चर टीम वर्ष 2015 से 2017 तक सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. आरके गुप्ता के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस कार्यक्रम में 22 देशों के विश्वविद्यालय शामिल हुए थे। पिछले पांच साल में रादुविवि तीन बार राज्य स्तरीय युवा उत्सव में विजेता रहा, जबकि दो बार सेकंड रनर अप रहा।
तकनीक भी होगी साझा
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुछ विभागों में अकादमिक क्षेत्र में बेहतरीन काम हो रहा है। विवि ने खेल सहित सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्त की हैं। रादुविवि प्रशासन ऐसे कामों को इंटीग्रेटेड मोड पर लाकर दूसरे विश्वविद्यालयों से जोडऩे पर काम कर रहा है।
अनुसंधान को दिया जाएगा बढ़ावा
रादुविवि को इंटीग्रेटेड मोड पर लाने के लिए विवि में हो रहे अनुसंधान कार्यों को साझा किया जाएगा। छात्रों को तकनीक के साथ प्रायोगिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए देवी अहिल्या बाई यूनिवर्सिटी, बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी आदि से बातचीत की जा रही है।
रादुविवि की उपलब्धियां
-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता
-डीआईसी मीट में देशभर में मिली सराहना
-इनोवेटिव कार्य के लिए एमएचआरडी की थ्री स्टार रेटिंग
-तीन बार राज्यस्तरीय चैम्पियनशिप पर कब्जा
इन पर होगा फोकस
- विश्वविद्यालयों के बीच नॉलेज शेयरिंग
-प्रयोगशालाओं का व्यापक उपयोग
-रिफ्रेशर कोर्स, अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देना
-प्राध्यापकों के लिए एकेडमिक ट्रेनिंग प्रोग्राम

विश्वविद्यालय के कार्यों, तकनीक आदि को अन्य विश्वविद्यायों से साझा करने पर काम कर रहे हैं। रादुविवि को इंटीग्रेटेड मोड पर लाया जा रहा है। अन्य विवि के साथ एमओयू साइन करने पर भी विचार कर रहे हैं, जिससे अकादमिक गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके।
प्रो. कपिलदेव मिश्र, कुलपति, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय

shivmangal singh Desk
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned