indian army के लिए जबलपुर में बन रहीं विशेष तोपें

गन कैरिज फैक्ट्री में बनेंगी स्वदेशी तोप

By: deepak deewan

Published: 26 Jan 2018, 08:07 AM IST

जबलपुर. गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के लिए गर्व से भर देने वाली इससे अच्छी खबर कुछ और नहीं हो सकती। सरहद पर दुश्मनों के दांत खट्टे कर देने वाली स्वदेशी बोफोर्स के नाम से मशहूर धनुष तोप को अब जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) बनाएगी। अब तक तैयार १२ प्रोटोटाइप धनुष तोप सेना को ट्रायल के लिए दी जा चुकी है। इनका कई स्तरों पर परीक्षण सफल रहा है। जीसीएफ को २०१८-१९ में १८ तोपें बनाकर सेना को देने का लक्ष्य है।
जीसीएफ में २०११-१२ से १५५एमएम ४५ कैलीबर तोप का प्रोजेक्ट चल रहा है।

ट्रायल सफल रहा

अब तक तैयार प्रोटोटाइप से देश के अलग-अलग हिस्सों में टेस्ट फायरिंग की गई। एक-दो मौकों को छोड़कर इसका ट्रायल सफल रहा। ३८ किमी तक मार करने वाली इन तोपों से अब तक ४ हजार गोले दागे जा चुके हैं। हाल में बालासोर रेंज में इसका परीक्षण किया गया। फरवरी में भी दो तोपों से टेस्ट फायरिंग प्रस्तावित है। आयुध निर्माणी बोर्ड हर वर्ष दिसंबर या जनवरी में अगले वित्तीय वर्ष के लिए कुछ उत्पादों के उत्पादन का लक्ष्य देता है, ताकि फैक्ट्रियां उनके मुताबिक कच्चे माल की आपूर्ति और अन्य तैयारी कर सकें।


११४ तोपों की जरूरत
देश की सेना ने ११४ धनुष तोपों की जरूरत बताई है। योजना के मुताबिक १८ तोपें पिछले साल मिल जानी थीं, लेकिन ट्रायल में मजल में ब्लास्ट की घटना और कुछ विवाद सामने आने के बाद लक्ष्य हासिल करने में अड़चनें आईं। सूत्रों की मानें तो २०१८ तक ३६ और २०१९ में ६० तोपों का ऑर्डर पूरा किया जाना था, लेकिन योजना में कुछ देरी हो गई। जीसीएफ के जनसंपर्क अधिकारी संजय श्रीवास्तव बताते हैं कि आयुध निर्माणी बोर्ड से अगले वित्तीय वर्ष २०१८-१९ के लिए १८ धनुष तोप का इंडेंट (मांग पत्र) मिला है। उत्पादन के लिहाज से तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी तरह तोप का ट्रायल भी चलता रहेगा।


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