उम्मीदवार के स्थान पर पहुंचा दूसरा युवक

आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी, दस्तावेज की जांच में पकड़ा

By: reetesh pyasi

Published: 11 Dec 2017, 02:12 AM IST

जबलपुर। आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में एक उम्मीदवार के स्थान पर रविवार को छठी बटालियन में चल रहे शारीरिक परीक्षण में शामिल होने पहुंचे आरोपित को जांच के दौरान पकड़ लिया गया। पुलिस ने उम्मीदवार को भी फर्जीवाड़े में शामिल पाया है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपितों पर धोखाधड़ी व फर्जी दस्तावेज बनाने समेत मध्य प्रदेश परीक्षा अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
रांझी थाने की एसआई ममता परस्ते ने बताया कि आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों का शारीरिक परीक्षण चल रहा है। रविवार को भी उम्मीदवार आगरा निवासी मनीष पांडे के स्थान पर योगेश गुर्जर पहुंचा। अधिकारियों ने योगेश के दस्तावेज जांचे, तो उसकी तस्वीर मेल नहीं खाई। योगेश से पूछताछ की गई, तो पहले तो वह स्वयं को मनीष बता रहा था, लेकिन जब उसके साथ पुलिसिया रवैया अपनाया गया, तो उसने फर्जीवाड़े का खुलासा किया। इधर परीक्षण स्थल के बाहर मौजूद मनीष पांडे को भी योगेश की निशानदेही पर गिरफ्तार कर लिया गया।

दिए थे रुपए, पूरे प्रदेश में रैकेट
मनीष पांडे ने पूछताछ में बताया कि उसने कम्प्यूटर परीक्षा पास कर ली थी। लेकिन, शारीरिक परीक्षण में उसे बाहर हो जाने का खतरा था। इसलिए उसने योगेश को शारीरिक परीक्षण में भेजा। इसके लिए उसने योगेश को रुपए भी दिए। इधर योगेश ने पूछताछ में उगला कि प्रदेश में कई और जिलों में उसके गिरोह के लोग उम्मीदवारों के स्थान पर शारीरिक परीक्षण में शामिल होने पहुंचे हैं। पुलिस उसके बयानों के आधार पर गिरोह का पर्दाफाश करने का प्रयास कर रही है।

उधर रेलवे विजिलेंस ने मारा छापा -रेलवे विजिलेंस को एसी कोच में अटेंडेंटो द्वारा मनमाफिक दामों पर पानी बाटल, खाने के पैकेट उपलब्ध कराने की शिकायत मिल रहीं थी। इस आधार पर विजिलेंस ने बनारस एलटीटी ट्रेन में कटनी जबलपुर के बीच एसी कोच में छापा मारा। अटेंडेंट के पास से पानी की बोतलें और खाने के पैकेट मिले। चार अटेंडेंटों के खिलाफ मामला कायम कर रेल प्रशासन को भेजा गया है।

reetesh pyasi Desk
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