यहां की नदियां फिर से होंगी जिंदा, साल भर हिलोरें मारेगा पानी

नदी पुनर्जीवन के लिए जबलपुर सम्भाग की आठ नदियों का चयन

By: shyam bihari

Updated: 06 Jun 2020, 11:46 PM IST

जबलपुर। नदियों में जल प्रवाह को बढ़ाने के लिए शासन की नदी पुनर्जीवन योजना के तहत जबलपुर सम्भाग के जिलों में विभिन्न कार्यों को स्वीकृृत किया गया है। जबलपुर सहित अलग-अलग जिलों की आठ नदियों के चार लाख 46 हजार 303 हेक्टेयर एरिया को उपचारित किया जाना है। नदी पुनर्जीवन के लिए जबलपुर में कनाडीबाह नदी, छिंदवाड़ा जिले में कन्हान अैर गांझर नदी, डिंडोरी में सुखमेर, कटनी में कटनी नदी, मंडला में बुढनेर, नरसिंहपुर में बारूरेवा और सिवनी जिले में हिर्री नदी के लिए योजना बनाई गई है। 39 हजार 316 कार्य स्वीकृृत किए गए हैं। करीब 10 हजार से अधिक कार्य प्रारंभ हो चुके है। कमिश्नर महेशचंद्र चौधरी ने नदी पुनर्जीवन योजना में समुदाय का व्यापक सहयोग लेने की बात कही है।
जल पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी
सक्षम महाकौशल प्रांत एवं रानी दुर्गावती शोध संस्थान जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में जल एवं पर्यावरण संरक्षण पर ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से प्रमुख वक्ताओं में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाकौशल प्रांत के प्रचारक प्रवीण गुप्त, पूर्व महापौर स्वाति गोडबोले, डॉ. पवन स्थापक, राकेश राठौर, अतुल दुबे, डॉ. एबी श्रीवास्तव, डॉ. विजय आनंद मरावी ने अविचार रखे। डॉ. पवन स्थापक ने वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण पर प्रकाश डालते एवं पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए कारखानों से निकलने वाले दूषित कचरे का सही तरीके से निस्तारण एवं वनों की कटाई रोकने की बात कही। डॉ. अवध बिहारी श्रीवास्तव ने रानी दुर्गावती की जल संरक्षण नीति पर प्रकाश डालते हुए उसे वर्तमान परिपेक्ष में बहुत ही उपयोगी बताया। पूर्व महापौर स्वाति गोडबोले ने जबलपुर नगर निगम द्वारा जल संरक्षण के लिए किए गए कार्यों पर विस्तृत जानकारी दी।

shyam bihari Desk
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