महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस, सेफ सिटी में बेखौफ रहेगी नारी शक्ति

महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस, सेफ सिटी में बेखौफ रहेगी नारी शक्ति
Women power will remain fearless in safe city jabalpur

Santosh Kumar Singh | Publish: Sep, 13 2019 11:38:04 AM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

Safe city:जबलपुर में भी लागू होगा ‘सेफ सिटी’ प्रोजेक्ट, ब्लूप्रिंट के लिए कमेटी गठित

जबलपुर. महिलाओं के लिए शहर को सुरक्षित बनाने के लिए ‘सेफ सिटी’ (Safe city) प्रोजेक्ट लागू होगा। सरकार की मंशा है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यवस्था बनानी होगी। इसमें सबसे अधिक भूमिका पुलिस (police) की रहेगी। सेफ सिटी (Safe city) में भी 60 प्रतिशत राशि निर्भया फंड (Nirbhaya Fund) के तहत केंद्र सरकार देगी। 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और नगर निगम को खर्च करना पड़ेगी।
यह है स्थिति-
शहर की आबादी-17 लाख लगभग
महिला आबादी-8 लाख लगभग
विवि-04
स्कूल-कॉलेज-90 के लगभग
छात्राओं की संख्या-30,000
नौकरीपेशा महिला-15 हजार
महिला व्यवसायिक-2500
महिला अपराध एक नजर में
छेड़छाड़-280
बलात्कार-124
सेफ सिटीज इंडेक्स के मापदंड का होगा पालन
शहर में दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने और महिलाओं को सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए इस तरह की योजना लायी जा रही है। जबलपुर सहित प्रदेश के छह शहरों को पहले चरण में लैंगिक हिंसा, यौन उत्पीडऩ और महिला हिंसा के लिहाज से सेफ सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। सेफ सिटीज इंडेक्स के मापदंडों के अनुसार इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जिसमें स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाएं, बुनियादी ढांचा, सुरक्षा सहित 57 बिंदु निर्धारित की जाएगी। इससे महिलाएं-बेटियां शहर में कहीं भी बेखौफ होकर आ जा सकें।
चार श्रेणी पर होगा काम
-डिजिटल सिक्योरिटी
-हेल्थ सिक्योरिटी
-इंफ्रास्क्ट्रक्चर सिक्योरिटी
-पर्सनल सिक्योरिटी
इन विभागों की रहेगी भूमिका
इस परियोजना में महिला व बाल विकास मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, नगर निगम, पुलिस और सामाजिक संगठनों की भूमिका होगी।
इस तरह के बदलाव होंगे
-एकीकृत स्मार्ट कंट्रोल रूम की स्थाना की जाएगी।
-एकल इमरजेंसी नम्बर 112 के साथ वूमेन पावरलाइन 1090 का एकीकरण किया जाएगा।
-आपात स्थिति में महिलाएं दोनों में से किसी एक नम्बर पर कॉल, एसएमएस, वाट्सअप संदेश भेज सकेंगी।
-महिलाओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने में सहायता के लिए पिंक आउट-पोस्ट (चौकियां) स्थापित की जाएंगी, जो महिला पुलिस द्वारा संचालित की जाएंगी।
-महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने के लिए महिला पुलिस की पिंक पेट्रोलिंग (गश्त) भी होगी।
-शहर के वे स्थान चिन्हित होंगे, जहां यौन उत्पीडऩ की आशंका है।
-यौन उत्पीडऩ रोकने जरूरी उपाय भी किए जाएंगे।
-वार्ड स्तर पर यूथविंग और सिविल सोसायटी इस पर निगरानी रखेंगे।
-यूथ गु्रप के सम्बंधित वार्ड या इलाके में टोल फ्री नम्बर दिए जा सकेंगे।
-महिलाओं के लिए सुरक्षित ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था हो। वाहनों में जीपीएस, कैमरे लगवाए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी में सुरक्षा के लिए ये थे प्रावधान-
सेफ सिटी से पहले जबलपुर का चयन स्मार्ट सिटी में हो चुका है। कई योजनाओं पर काम भी चल रहा है। स्मार्ट सिटी में सुरक्षा का भी प्रावधान था। जिसके अंतर्गत शहर के प्रमुख चौराहों-तिराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं। यहां लगे स्मार्ट कैमरे में बैकअप की व्यवस्था ही नहीं जोड़ी गयी है। वहीं महिलाओं के लिए शुरू की गई पिंक बस और रानी दुर्गावती सिटी टैक्सी योजना भी चंद दिनों तक चलने के बाद बंद हो चुकी है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ये चल रही कवायद
कोड रेड टीम का गठन-शहर में चार टीमें कोड रेड की गठित हुई हैं। इक्का-दुक्का इनकी कार्रवाई होती है, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में अपेक्षित शिकायतें नहीं पहुंच पा रही। कोड-रेड की तरफ से स्कूल-कॉलेजों में जागरुकता अभियान चलाया जाता है।
ऊर्जा डेस्क का गठन-शासन की पहल पर शहर के 16 थानों में ऊर्जा डेस्क का गठन किया गया है। इसका प्रभारी महिला एसआई को बनाया गया है। महिलाओं से सम्बंधित सभी तरह की शिकायतें ऊर्जा डेस्क ही सुन रही है। अभी इसका ट्रॉयल चल रहा है। परिणाम की समीक्षा के बाद आगे निर्णय हेागा।

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