ये स्कूल संचालक हैं कि कुछ और? ट्यूशन फीस के नाम पर डाल रहे डाका

जबलपुर में शासन के निर्देशों की अनदेखी, रोक के बाद भी फीस के लिए बना रहे दबाव

 

 

By: shyam bihari

Published: 24 Jul 2020, 07:34 PM IST

जबलपुर। कोराना काल में जबलपुर शहर में स्कूलों की ओर से विभिन्न ऐप के माध्यम से वर्क भेजा जा रहा है। स्कूलों को शासन की ओर से सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के ही निर्देश दिए गए हैं परंतु स्कूलों ने मंथली फीस जिसमें अन्य शुल्क शामिल रहते हैं उसे ही ट्यूशन फीस में परिवर्तित कर लिया। उतनी ही राशि ट्यूशन फीस के रूप में जमा करने अभिभावकों को मैसेज भेजे जा रहे हैं।
नया तरीका
सदर स्थित एक स्कूल ने छोटी कक्षा के लिए 4000 से 4800 रुपए एवं बड़ी कक्षाओं के लिए 4800 रुपए से लेकर 6600 रुपए तक फीस के रूप में स्टॉलमेंट में राशि जमा करने के लिए कहा है। इसमें अन्य शुल्क की कोई जानकारी नहीं प्रदर्शित की जा रही है। छोटी कक्षाओं में ऑनलाइन पढ़ाई पर रोक के बाद भी कुछ स्कूल ऐसा कर रहे हैं। बच्चों को विभिन्न एप के माध्यम से होमवर्क दिया जा रहा है।
टीसी मांगने पर मांग रहे जुलाई तक की फीस
अभिभावक शशिप्रभा महावर के अनुसार उन्होंने पढ़ाई नहीं होने व मंथली फीस को ही ट्यूशन फीस वसूली पर आपत्ति जताई तो स्कूल प्रबंधन द्वारा जुलाई तक फीस जमा कर टीसी ले जाने कहा है। अभिभावक संजय सोनी के अनुसार स्कूल सेटीसी मांगने पर उन्हें अब तक फीस के साथ ही अन्य शुल्क जमा करने कहा गया। अभिभावक सनुज शर्मा का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई पर रोक है तो मैसेज भेज कर शुल्क वसूले जा रहे हैं। वहीं अरविंद दुबे का कहना है कि अभिभावकों की ओर से न्यायालय में एक याचिका दायर की है। जिला शिक्षा अधिकारी सुनील नेमा ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई छोटी कक्षाओं मेंं पूरी तरह प्रतिबंधित की गई है। स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली के ही निर्देश हैं। अभिभावक शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी।

1. होमसाइंस कॉलेज के पास स्थित एक प्राइवेट स्कूल में ट्यूशन फीस और ऑनलाइन क्लास शुरू करने का मैसेज अभिभावक को दिया। अभिभावकों ने पूरी मंथली फीस वसूली सम्बन्धी बात कही तो स्कूल का जवाब था कि यह ट्यूशन फीस ही है। अभिभावक को जुलाई तक की फीस जमा करने कहा है।
2. सदर एवं मंडला रोड स्थित एक स्कूल की ओर से करीब 5 हजार रुपए सिर्फ ट्यूशन फीस के रूप में लिए जा रहे हैं। स्कूल का कहना है कि इतनी ही ट्यूशन फीस है। ट्रांसपोर्ट शुल्क नहीं लिया जा रहा। रोज अभिभावकों को फीस जमा करने के लिए मैसेज भेजे जा रहे हैं।
3. सिविल लाइंस स्थित एक स्कूल में एक स्कूल में छोटी कक्षा में ट्यूशन फीस 3700 रुपए ली जा रही है। पहले ली जाने वाली फीस और अब ली जाने वाली फीस में कोई अंतर नहीं है। अभिभावक समझ नहीं पा रहे हैं कि बिना पढ़ाई कराए इतनी फीस क्यों मांगी जा रही है।

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shyam bihari Desk
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