शनि पुष्य अमृत मुहूर्त आज, शनिदेव की काली छाया से बचने का शुभ दिन: पंचांग

शनि पुष्य अमृत मुहूर्त आज, शनिदेव की काली छाया से बचने का शुभ दिन: पंचांग

 

By: Lalit kostha

Published: 08 Feb 2020, 09:49 AM IST

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2076, संवत्सर का नाम : परिधावी, शाके संवत् : 1941, हिजरी संवत् : 1441 , मु.मास : जमादि उल, उस्सानी 13, अयन : उत्तरायण, ऋतु : शिशिर ऋतुु , मास : माघ, पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि - सूर्योदय से सायं: 04.01 मि. तक रिक्ता संज्ञक चतुर्दशी तिथि रहेगी पश्चात पूर्णा संज्ञक पूर्णिमा तिथि लगेगी। चतुर्दशी तिथि में भगवान भोलेनाथ की पूजा करके मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों से समन्वित हो जाता है तथा बहुत से प्रभूत धन से संपन्न हो जाता है। पूर्णिमा तिथि में जो मनुष्य चंद्रमा की पूजा करता है, उसका संपूर्ण संसार पर अपना आधिपत्य हो जाता है और वह कभी नष्ट नहीं होता।
योग- सूर्योदय से सायं: 07.10 मि. तक आयुष्मान योग पश्चात सौभाग्य योग लगेगा। आयुष्मान योग के स्वामी चंद्रदेव माने जाते हंै जबकि सौभाग्य योग के स्वामी ब्रह्मदेव माने गए हैं।
विशिष्ट योग- दोनों ही योग बेहद शुभ माने जाते हैं। इनमे किए गए कार्य की सफलता सुनिश्चित रहती है। विवाह से संबंधित समस्त कार्यो के लिए सौभाग्य योग बहुत शुभ माना जाता है।
करण- सूर्योदय से दोप. 04.01 मि. तक वणिज नामक करण रहेगा पश्चात विष्टि नामक करण लगेगा। इसके पश्चात बव नामक करण लगेगा।
नक्षत्र- सूर्योदय से रात्रि 10.04 मि. तक क्षिप्र लघु पुष्य नक्षत्र रहेगा पश्चात तीक्ष्ण दारुण आश्लेषा नक्षत्र लगेगा। नए-पुराने वाहनों का क्रय-विक्रय, वाहन से यात्राया सवारी आदि के लिए पुष्य नक्षत्र शुभ माने गए हैं। अन्य कार्य सभी प्रकार के मंगल कार्यों के लिए आश्लेषा नक्षत्र निषिद्ध माने गए हैं। वहीं मुकदमेबाजी आदि कार्य आश्लेषा नक्षत्र में किए जा सकते हैं।



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आज के मुहूर्त - अनुकूल समय में नए वाहनों की खरीदारी करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चौघडिय़ा के अनुसार समय - प्रात: 08.27 मि. से 09.51 मि. तक शुभ का चौघडिय़ा रहेगा एवं दोप. 12.38 मि. से 04.48 मि. तक क्रमश: चंचल लाभ व अमृत के चौघडिय़ा रहेंगे।
व्रत/पर्व - श्रीरामचरण रामस्नेही जयंती (मेवाड़)। स्वामी करपात्रीजी महाराज पुण्य:। मेला जयंती देवी (पंजाब)। शनि पुष्य अमृत मुहूर्त सूर्योदय से रात्रि 10.04 मि. तक।
चंद्रमा - सूर्योदय से लेकर सम्पूर्ण दिवस पर्यन्त तक चंद्रमा जल तत्व की कर्क राशि में रहेंगे।
भद्रा - दोप. 04.01 मि. से अर्धरात्रि 02.32 मि. तक भद्रा का निवास भूलोक में रहेगा। दिशाशूल - पूर्व दिशा में। (अगर हो सके तो आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा को टालना चाहिए)। राहु काल - प्रात: 09.51.25 से 11.14.55 तक राहु काल वेला रहेगी। अगर हो सके तो इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
आज जन्म लिए बच्चे- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (हे, हो, डा, डी, डू) अक्षरों पर रख सकते हैं। आज जन्मे बच्चों का जन्म चांदी के पाए में होगा। सूर्योदय से लेकर सम्पूर्ण दिवस पर्यन्त तक कर्क राशि रहेगी। आज रात्रि 10.04 मि. के पश्चात जन्म लिए बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से कृषकाय होंगे। प्राय: इनका भाग्योदय करीब 16 वर्ष की आयु में होगा। ऐसे जातक स्वकार्यों में सुदक्ष व आतुर मनोवृत्ति के होंगे। कृषि कार्यों में विशेष रुचि रहेगी। प्राय: स्पष्टवादी व अल्पव्यवहारी भी होंगे। कर्क राशि में जन्मे जातक को मनोविकारी होने से बचना चाहिए।

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Lalit kostha Desk
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