अब दुश्मन देश की नापाक हरकतों का जवाब देगी शारंग

जबलपुर के वीएफजे में तैयार दो तोप को मिला आइनोट, सुपुर्दगी समारोह जल्द

 

By: shyam bihari

Published: 05 Sep 2020, 08:34 PM IST

यह है स्थिति

-130 एमएम का अपग्रेड वर्जन है शारंग।
- मारक क्षमता 27 से बढ़कर 40 किमी हुई।
- एक मिनट में तीन राउंड दागने की क्षमता।
- 155 एमएम 45 कैलीबर बम का होगा इस्तेमाल।
- अपग्रेडिंग में पूरा ऑर्डनेंस में किया बदलाव।
- जीसीएफ व वीएफजे में चल रहा प्रोजेक्ट।
- मेक इन इंडिया के तहत तोप को किया तैयार।

जबलपुर। मेक इन इंडिया के तहत तैयार 'शारंगÓ तोप सेना के सभी मापदंडों पर खरी उतरी है। बहुत कम समय में तैयार यह तोप कुछ दिनों में सेना का हिस्सा बन जाएगी। वीकल फैक्ट्री जबलपुर में दो शारंग तोप का इन्सपेक्शन नोट (आइनोट) मिल गया। रक्षा उत्पादों की गुणवत्ता की शीर्ष संस्था सीक्यूए (डब्ल्यू) के प्रिंसीपल साइंटिफिक ऑफिसर एके आडकर ने वीकल फैक्ट्री के महाप्रबंधक अतुल गुप्ता को इसके दस्तावेज सौंपे। 130 एमएम आर्टलरी तोप को अपग्रेड कर तैयार की गई 155 एमएम 45 कैलीबर शारंग तोप का प्रोजेक्ट शहर में गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) और वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) में चल रहा है। आयुध निर्माणी बोर्ड के इस प्रोजेक्ट के तहत तोप को अपग्रेड करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। अपग्रेड होने के बाद तोप की मारक क्षमता 27 किमी से बढ़कर 40 किमी हो गई है। यह दुनिया की शीर्ष आर्टलरी तोप में शामिल हो गई है। आइनोट कार्यक्रम में डब्ल्यूडीईटी के कंट्रोलर ब्रिगेडियर जयंत कार, लेफ्टिनेंट कर्नल रजत टंडन, वीएफजे के अपर महाप्रबंधक ओपी तिवारी और शारंग तोप प्रोजेक्ट के गुप ऑफिसर संयुक्त महाप्रबंधक रामेश्वर मीणा व कर्मवारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।

आर्मर्ड वीकल के बाद बनाई तोप

वीएफजे को पहली बार दो तोप का आइनोट मिला है। वैसे फैक्ट्री में करीब 10 तोप तैयार कर ली गई हैं। इसी प्रकार जीसीएफ में भी तकरीबन आठ तोप तैयार की गई हैं। इन्हें भी जल्द ही आइनोट मिलेगा। फिर इन्हें सेना के सुपुर्द करने का औपचारिक कार्यक्रम भी होगा। वीएफजे सेना के लिए वाहन तैयार करती है। रसद और सैनिकों के परिवहन के काम आते हैं। फिर आर्मर्ड वीकल का काम यहां पर शुरू हुआ, लेकिन अब फैक्ट्री ने तोप तैयार करने का चुनौतीपूर्ण कार्य पूरा किया है। आइनोट दरअसल किसी भी उत्पाद के फाइनल निरीक्षण का प्रमाण है। यानि यह उत्पाद अब सेना में शामिल किया जा सकता है। यह रेडी टू डिस्पैच से पहले की प्रक्रिया है। सेना की गुणवत्ता इकाई की ओर से शारंग तोप की हर पहलू से जांच की गई। सारी चीजें मापदंड के अनुरूप मिली तब उत्पादक इकाई को यह प्रमाण पत्र दिया जाता है। ग्रुप ऑफिसर शारंग तोप व संयुक्त महाप्रबंधक रामेश्वर मीणा ने बताया कि 155 एमएम 45 कैलीबर शारंग तोप का आइनोट मिल गया है। यह बड़ी उपलब्धि है। आयुध निर्माणी बोर्ड के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। इसमें सफलता मिली है। जल्द ही तोप सेना के सुपुर्द की जाएंगी।

shyam bihari Desk
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