scriptshirt industry in india | प्रदेश के इस शहर में तेजी से बढ़ रही शर्ट इंडस्ट्री, रोजगार भी मिल रहा | Patrika News

प्रदेश के इस शहर में तेजी से बढ़ रही शर्ट इंडस्ट्री, रोजगार भी मिल रहा

एक सैकड़ा से ज्यादा कारखाने, देश के कई राज्यों में होती है सप्लाई

जबलपुर

Published: September 12, 2022 07:44:07 pm

जबलपुर. कोरोना काल के बाद जबलपुर की गारमेंट इंडस्ट्री में बदलाव आया है। अब सलवार सूट की तरह शर्ट इंडस्ट्री भी उभर रही है। पहले की तुलना में ज्यादा निर्माता सामने आए हैं। 110 से अधिक कारखाने शहर में चलते हैं। इनका सालाना कारोबार 180 से 200 करोड़ रुपए के बीच है।

देश के कई राज्यों में है शहर की पहचान
गारमेंट के क्षेत्र में शहर की पहचान देश के कई राज्यों में है। कोरोनाकाल में जब लगभग दो साल तक सलवार सूट की इंडस्ट्री नहीं चली तो निर्माताओं ने उन चीजों को बनाया जो कि बाजार में चल रही थीं। उनमें प्रमुख था फेस मास्क और पीपीई किट। लाखों पीस इन दोनों का उत्पादन यहां पर किया गया। सलवार सूट की तरह शर्ट का काम भी एक दशक से यहां पर चल रहा है। अभी निर्माता और उनके ब्रॉन्ड की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। शहर के अलग-अलग इलाकों में 25 कारखाने ऐसे हैं जहां व्यापक पैमाने पर काम होता है। हर माह 15 से 20 हजार पीस तैयार करने की उनकी क्षमता है। 50 से ज्यादा मध्यम एवं छोटे कारखाने हैं। उनमें भी हर माह 3 से लेकर 10 हजार पीस तक तैयार होते हैं। इन्हें तैयार करने वाले तकरीबन 4 हजार लोगों को काम मिला हुआ है। ऐसे में यह उद्योग भी रोजगार देने में आगे आ रहा है।
garment industry
Readymade clothes
बनाए हैं अपने ब्रॉन्ड
जबलपुर के कई ब्रॉन्ड हैं जो कि मप्र के अलावा उप्र, महाराष्ट्र आदि जगहों पर चलते हैं। सबसे बड़ा बाजार छत्तीसगढ़ है। इसी प्रकार प्रदेश में भी यहां बने शर्ट लोग खूब पसंद करते हैं। इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यहां पर सभी प्रकार के शर्ट तैयार किए जाते हैं, इनकी कीमत भी ऐसी है कि जो ब्रॉन्ड और कुछ़ बड़ी कंपनियों के बीच की है। इसलिए यह पसंद किए जाते हैं। शहर के 20 से अधिक ब्रॉन्ड प्रचलन में हैं। इनमें से कुछ के आउटलेट भी यहीं पर चल रहे हैं।
कई वेरायटी होती हैं तैयार
शर्ट निर्माता कई तरह वेरायटी तैयार करते हैं। मैन्युफैक्चरर दीपक बजाज का कहना है कि जबलपुर का शर्ट इसलिए पसंद किया जाता है क्योंकि दाम औसत रखे जाते हैं। दक्ष कारीगर हैं। दूसरे शहरों की तुलना में श्रम भी सस्ता है। इसलिए लागत नहीं बढ़ती। निर्माता दिनेश चांदवानी ने बताया कि ग्राहकों की पसंद और फैशन के अनुरूप शर्ट तैयार होते हैं। यहां की सबसे बड़ी पहचान है गुणवत्ता। जो मटेरियल उपयोग किया जाता है, वह अच्छी गुणवत्ता का होता है।
क्लस्टर में आधा दर्जन इकाई
गोहलपुर लेमा गार्डन में संचालित रेडीेमेड गारमेंट क्लस्टर में भी एक दर्जन से अधिक कारोबारी ऐसें हैं जो कि सिर्फ शर्ट बना रहे हैं। अभी यहां पर 80 प्रतिशत इकाइयां संचालित हों रही हैं। इनमें सलवार सूट के अलावा बच्चों के कपड़े, स्कूल ड्रेस, लोवर, कुर्ती और दूसरे उत्पादों को तैयार किया जा रहा है।

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