आईएसबीटी पर सन्नाटा, यात्री हुए बे-बस

लोकसभा चुनाव के चलते किया गया है बसों का अधिग्रहण

By: mukesh gour

Published: 28 Apr 2019, 11:11 AM IST

जबलपुर. आइएसबीटी में शनिवार को सन्नाटा पसरा रहा। लोकसभा चुनाव में मतदान कर्मियों को मतदान केन्द्रों तक पहुंचाने के लिए आरटीओ और जिला प्रशासन ने बसों का अधिग्रहण किया है। इस कारण हर एक रूट पर बसों का टोटा हो गया। जानकारी के आभाव में कुछ यात्री वहां पहुंचे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि अगले कुछ दिन बसों का सफर मुश्किल हो गया है, तो वे रेलवे स्टेशन रवाना हो गए। कुछ लोगों ने टैक्सी का सहारा लिया। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए कुछ बसों का संचालन हो रहा है, लेकिन वह नाकाफी है।
बसों के अधिग्रहण के चलते शनिवार को शहर से चलने व शहर आने वाली पैसेंजर ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई। सभी ट्रेनें खचाखच भरी थीं। कटनी की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी पैर रखने की जगह नहीं थी। मंडला जाने वाले कुछ यात्रियों ने मदनमहल स्टेशन से चल रही जबलपुर नैनपुर ट्रेन का सहारा लिया।

यहां हुई ज्यादा परेशानी
डिंडौरी, मंडला, अमरकंटक और दमोह जाने वाले अधिकतर यात्री बस से सफर करते हैं। ऐसे में जब सोमवार को उन्हें बस नहीं मिली, तो उन्हें ज्यादा परेशानी हुई। इन जिलों से रोजाना मजदूर भी शहर आते और जाते हैं।


बाकी बसें भी अधिग्रहित
शनिवार सुबह आरटीओ संतोष पॉल और उनकी टीम शहर के विभिन्न स्थानों पर पहुंची। जहां से बाकी बची बसों को अधिग्रहित किया गया। कुछ बसों को जहां राइट टाउन भेज दिया गया, वहीं कुछ बसों को आपात परिस्थितियों के लिए आरटीओ कार्यालय परिसर में खड़ा करवाया गया है। ये सभी बसें 30 अप्रैल की रात और एक मई की सुबह तक अधिग्रहण मुक्त होंगी।


आंकड़ो पर एक नजर
1200 यात्री बसें शहर से चलने वाली
72,000 यात्री रोजाना यात्रा करने वाले
120 ट्रेनों का कुल संचालन
16 ट्रेनें जबलपुर से शुरू होने वाली
26,000 यात्री ट्रेनों में यात्रा करने वाले

mukesh gour
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