लोकसभा चुनाव 2019 की मतगणना के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, इन चीजों पर लगा प्रतिबंध

लोकसभा चुनाव 2019 की मतगणना के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, इन चीजों पर लगा प्रतिबंध

By: abhishek dixit

Published: 18 May 2019, 07:00 PM IST

जबलपुर. लाोकसभा चुनाव के परिणाम आने में महज 5 दिन शेष हैं। 23 मई को नतीजे आएंगे। जिले के आठों विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग अधिकारियों तथा पुलिस अधिकारियों की बैठक में मतगणना की व्यवस्थाओं तथा मतगणना के दिन मतगणना स्थल और इसके आसपास की सुरक्षा के इंतजामों पर चर्चा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर छवि भारद्वाज ने साफ कहा कि मतगणना स्थल पर पासधारियों के अलावा किसी को प्रवेश नहीं दिया जाए। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल भी मौजूद थे। कलेक्टर ने इस मौके पर पारदर्शिता सुनिनिश्चित करने के लिए डाकमत पत्रों से लेकर ईवीएम के मतों की तथा वीवीपैट स्लिप की गणना की प्रक्रिया की वीडियोग्राफ ी करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पासधारी व्यक्तियों को भी कड़ी सुरक्षा जांच के बाद ही मतगणना केन्द्र के भीतर प्रवेश करने दिया जाए।

मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित
लोकसभा चुनाव की मतगणना के लिए तय किए गए स्थान पर मोबाइल एवं धूम्रपान का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। इनका उपयोग करने वालों को बाहर कर दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग के मुताबिक उम्मीदवारों के मतगणना एजेंटों एवं शासकीय गणना कार्य के लिए नियुक्त शासकीय सेवक गणना स्थल पर मोबाइल, केलकुलेटर, खाने-पीने की सामग्री आदि लेकर नहीं जा सकेंगे। मतगणना अभिकर्ताओं को केवल एक पेन एवं दो कागज ही ले जाने दिया जाएगा।

परिणाम आने में होगी देरी
2014 के लोकसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार परिणामों की घोषणा में देरी हो सकती है। चुनाव में पारदर्शिता के लिए इस्तेमाल की गई वीवीपैट मशीन के अलावा उम्मीदवार व मतदाताओं की ज्यादा संख्या देरी की वजह बन सकती है। मतगणना स्थल एमएलबी में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार सांसद का चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों की संख्या 22 है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (इवीएम) के साथ वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल किया गया। यह छोटे प्रिंटर के समान एक मशीन है जिसमें मतदाता को पर्ची के माध्यम से पता चलता है कि उसने जिसे वोट दिया, वह उसके खाते में ही गया। बकायदा पार्टी का चुनाव चिन्ह और उम्मीदवार का नाम भी इसमें दिखता है। निर्वाचन आयोग ने इवीएम से मतों की गिनती के साथ ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पांच-पांच वीवीपैट मशीनों की पर्चियों को गिनने के निर्देश भी दिए हैं। जानकारों का कहना है कि एक वीवीपैट की पर्चियों को मिलने में 40 से 50 मिनट का समय लगता है। ऐसे में माना जा रहा है कि इनकी गिनती में तीन से 4 घंटे लगेंगे। वीवीपैट की पर्चियों, पोस्टल बैलेट और इटीपीबीएस से आए मतों की गिनती के बाद परिणाम घोषित होंगे।

abhishek dixit
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned