मौसम बदला-बदला है, सूरज की किरणें पी रहीं बांध-नदियों-तालाबों का पानी

मौसम बदला-बदला है, सूरज की किरणें पी रहीं बांध-नदियों-तालाबों का पानी
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Shyam Bihari Singh | Updated: 08 Jun 2019, 08:00:00 AM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

जलस्तर में गिरावट : 37 दिन में बरगी डैम का जलस्तर डेढ़ मीटर कम हुआ

प्रमुख जलाशयों का जलस्तर
परियट
- 1368.8 फीट है मौजूदा जल स्तर
- 1374 फीट था एक मई को
- 6.8 फीट कम हुआ अब तक
- 1390 फीट है अधिकतम क्षमता
खंदारी जलाशय
- 1438 फीट है मौजूदा जलस्तर
- 1441 फीट था एक मई को
- 1.5 फीट कम हुआ अब तक
- 1454 फीट है अधिकतम क्षमता
बरगी डैम
- 413.20 मीटर है मौजूदा जलस्तर
- 414.70 मीटर था एक मई को
- 1.50 मीटर कम हुआ
- 422.76 मीटर है अधिकतम क्षमता
जबलपुर। सूर्य की तपिश नदी, तालाबों और जलाशयों का पानी तेजी से सोख रही है। जीवनदायिनी नर्मदा नदी की धार भी पतली हो गई है। घाटों पर चट्टानें नजर आने लगी हैं। घुघवा जलप्रपात समेत कई झरने लुप्त हो गए हैं। हिरन नदी का पानी सूख गया है। गौर और परियट नदियां भी दम तोडऩे की कगार पर हैं। परियट, खंदारी जलाशयों समेत शहर के तालाबों का जल स्तर भी तेजी से घट रहा है। इसका असर शहर के कुछ इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति पर पड़ रहा है।
शहर में जलापूर्ति के लिए कुछ स्पॉट पर बरगी डैम की नहर से पानी लिफ्ट किया जा रहा है। सिहोरा के लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए डैम की दायीं तट नहर से हिरन नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे पिछले सैतीस दिनों में बरगी डैम का जलस्तर डेढ़ मीटर कम हुआ है। बरगी डैम के अधिकारियों के अनुसार सिंचाई, बिजली उत्पादन और पेयजल के लिए सबसे अधिक निर्भरता बरगी डैम पर है।
नर्मदा तटों पर उभर आईं चट्टानें
नर्मदा तट ग्वारीघाट, लम्हेटाघाट, सरस्वती घाट, गौ बच्छा घाट समेत अधिकतर घाटों का जल स्तर कम होने से चट्टानें नजर आने लगी हैं। नर्मदा की धार भी पतली हो गई है। जानकारों के अनुसार इन तटों पर जलस्तर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है।
कई तालाब सूखे
रामपुर के जलपरी, शैलपर्ण के कोल्हाताल समेत शहर के कई तालाब सूख गए हैं। गुलौआताल, देवताल, इमरती तालाब का जलस्तर भी तेजी से कम हो रहा है।
यहां हालात चिंताजनक
खंदारी और परियट जलाशय से शहर के बड़े क्षेत्र में जलापूर्ति होती है। दोनों जलाशयों का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। जानकारों के अनुसार, यदि 15-20 दिन में बारिश नहीं हुई तो इनसे जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

लगातार तेज गर्मी के कारण परियट और खंदारी जलाशय के जलस्तर में काफी कमी आई है। फिलहाल दोनों जलाशयों से जलापूर्ति जारी है। यदि बारिश में देरी होती है तो जलस्तर ज्यादा नीचे जाने पर इन जलाशयों से जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।
कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री, नगर निगम

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