शिक्षक छात्र मिलकर करें टायलेट साफ : बहुगुणा

संभागायुक्त ने शिक्षा विभाग के अमले के साथ संवाद, स्कूलों में टायलेट की सफाई बड़ी समस्या, आने वाली पीढ़ी को किया जाए जागरूक

By: Mayank Kumar Sahu

Published: 20 Jul 2019, 12:26 AM IST

जबलपुर।
स्कूलों में जब तक स्वच्छता नहीं होगी बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगेगा। स्कूलों के सामने पर्याप्त पैसा न होने का अभाव रहता है। जिस तरह हम अपने घर की साफ सफाई से लेकर टायलेट साफ करते हैं उसी तरह स्कूल को भी अब साफ सुथरा रखने का हम सबका दायित्व है। शिक्षक छात्र मिलकर खुद टायलेट साफ करें न कि किसी वर्ग विशेष पर इसके लिए आश्रित रहें। हमे आने वाली पीढ़ी को यह बताना होगा। कुछ एेसा ही संवाद शुक्रवार को संभागयुक्त राजेश बहुगुणा ने शिक्षा विभाग के अमले की बैठक में किए। उन्होंने साफ कहा कि स्वच्छता सर्वोपरि है इसके लिए सब मिलकर इसमें अपना योगदान दें। बैठक में कलेक्टर भारत यादव ने भी सफाई, पर्यावरण आदि पर अपने विचार रखे। इस दौरान जेडी राजेश तिवारी, आरके स्वर्णकार, डीईओ एसके नेमा, सहायक संचालक पीके श्रीवास्तव, डीपीसी आरके चतुर्वेदी, बीईओ अंजनी सेलट, सहायक यंत्री ओपी श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।

मासिक टेस्ट पर करें फोकस
इसके पहले स्कूलों में शैक्षणिक स्थिति पर संभागयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि मंथली टेस्ट पर फोकस करें क्योंकि सरकारी स्कूलों की खूबी है कि हम सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए काम करते हैं। यदि एक बच्चा पास है और चार फेल हैं तो न केवल शिक्षा जगत का बल्कि सोसायटी का भी नुकसान हो रहा है। इसलिए क्लास में अधिकतम और न्यूनतम अंक के अंतर को कम करने एक्स्ट्रा फोकस किया जाए।

पर्यावरण को संरक्षित रखने लगाए पौधे
बैठक के दौरान पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए पौधा रोपण पर चर्चा की गई। संभागायुक्त ने कहा कि स्कूल परिसर, कार्यालय के आसपास जहां संभव हो सके वहां पौधा रोपण किया जाए। इसके लिए छायादार और फलदार पौधे लगाए जा सकते हैं। पौधा रोपण के साथ उनको सुरक्षित रखने और नियमित देखभाल की जवाबदारी भी ली जाए।

बच्चों की करें पहचान
शिक्षा विभाग में शिक्षकों के स्वीकृत पदों की जानकारी बैठक में ली और रिक्त पदों के विरूद्ध अतिथि शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिये । बहुगुणा ने कक्षा पांचवीं, कक्षा आठवीं और कक्षा दसवीं पास हुए बच्चों और इनमें से कक्षा छठवीं, नवमी और ग्यारहवीं में प्रवेश न लेने वाले बच्चों की पहचान करने तथा उनके अभिभावकों से भेंट कर उनका भी स्कूल में एडमिशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये ।

Mayank Kumar Sahu Reporting
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