खुले में ही पांच घंटे रखा रहा कोरोना संक्रमित का शव

जबलपुर के मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही सामने आई

By: shyam bihari

Published: 14 Jun 2020, 10:11 PM IST

जबलपुर। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को एक कोरोना संक्रमित का शव एनोटोमी विभाग की मरचुरी के बजाय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सामने खुले में पांच घंटे तक रख दिए जाने के मामले में वार्ड ब्वॉय को तुरंत सेवा से अलग कर दिया गया है। मामला संज्ञान में आने पर डीन ने तुरंत मैनपावर मुहैया कराने वाली निजी कम्पनी के प्रतिधिनिधियों को तलब किया।
प्राइवेट डॉक्टर्स के साथ बैठक
अनलॉक 1.0 के बाद सामान्य मरीजों के लिए उपचार व्यवस्था बहाल करने की कवायद के बीच निजी अस्पताल, नर्सिंग होम के संचालकों और प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें आने वाले संदिग्धों की जांच और उसकी सूचना प्रतिदिन सीएमएचओ कार्यालय को देने के निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर भरत यादव, सीएमएचओ रत्नेश कुररिया, डॉ. एस. दाहिया उपस्थित थे।

इंटरव्यू के पहले उम्मीदवारों की योग्यता पर उठे सवाल!

जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के डेंटेस्ट्री डिपार्टमेंट में शिक्षकों के दो पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार से पहले ही प्रक्रिया उम्मीदवारों की योग्यता पर सवाल उठने और उन पर फर्जीवाड़े के आरोप से विवादों में घिर गई है। एसोसिएशन ऑफ डेंटल रेसीडेंट्स की ओर से साक्षात्कार के लिए बुलाए गए कुछ उम्मीदवारों के अनुभव प्रमाण पत्रों के फर्जी होने का दावा किया गया है। सोमवार को साक्षात्कार होना है। संगठन की ओर से सम्भावित उम्मीदवारों के खिलाफ सीबीआई और एमसीआई को भेजे गए जांच पत्र जारी किए गए है। मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को भी फर्जीवाड़े की जांच से संबंधित शिकायती पत्र की प्रति भेजी गई है। इसमें साक्षात्कार प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किए गए दो उम्मीदवारों के पास मेडिकल कॉलेज में दंत चिकित्सा विभाग में कार्यानुभव नहीं होने का आरोप है। एसोसिएशन ऑफ डेंटल रेसीडेंट्स के अध्यक्ष डॉ. शुभम अवस्थी के अनुसार भर्ती वाले पदों की पात्रता पूरी करने के लिए दो उम्मीदवारों ने गलत तरीके से प्रमाण पत्र हासिल किया है। मामले की जांच के लिए मार्च, 2020 में एमसीआई, सीबीआई नई दिल्ली और चिकित्सा शिक्षा विभाग को शिकायत भेज दी गई थी। इधर, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीके कसार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार हो रही है। सभी उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। उसी आधार पर कार्रवाई होगी।

डॉ. शलभ अग्रवाल को डीपीओ बनाया
स्वास्थ्य विभाग में जिला कार्यालय प्रबंधक-डीपीओ के पद पर विवादित नियुक्तियों के बीच नई नियुक्ति कर दी गई है। अब नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शलभ अग्रवाल को डीपीओ का प्रभारी बनाया गया है। वे सोमवार को जिम्मेदारी सम्भाल सकते है। बताया जा रहा है कि एक पूर्व इंचार्ज सीएमएचओ के करीबी रहे सुभाष शुक्ला के विरुद्ध मिली कुछ शिकायतों के बाद उन्हें डीपीओ के पद से हटाने के निर्देश जारी किए गए थे। उनके स्थान पर प्रवीण सोनी को डीपीओ बनाया गया था। पूर्व में आशा कार्यकर्ता भर्ती घोटोले में जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर-डीसीएम के पद से बर्खास्त किए जाने के कुछ महीने बाद उन्हें डीपीओ नियुक्त किए जाना विवादों के घेरे में आ गया। इस पर शनिवार को सोनी को हटाते हुए डीपीओ का प्रभार डॉ. शलभ को देने का निर्देश दिया गया है।

shyam bihari Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned