योगाभ्यास में दिखा बुजुर्गों का जोश, बच्चों ने उत्साह से लगाए आसन

पत्रिका के 9वंे स्थापना दिवस के मौके पर योग शिविर का आयोजन

By: mukesh gour

Published: 11 Dec 2017, 02:06 AM IST

जबलपुर . मालवीय चौक श्रीनाथ की तलैया स्थित गायत्री मंदिर के हॉल में पिछले एक सप्ताह से चल रहे पत्रिका के योग शिविर में रविवार को योगाभ्यास में बुजुर्गों, महिलाओं और खासकर बच्चों ने जोश दिखाया। पत्रिका के ९वंे स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित इस योग शिविर में योगाभ्यास और प्राणायाम के बाद वैद्य गणेश ने शिविर में पहुंचे सभी योग साधकों का नाड़ी परीक्षण किया। उन्होंने शरीर के वात, कफ और पित्त के विकार बताए और साथ ही इन व्याधियों के समुचित आयुर्वेदिक उपचार की विधि भी बताई। उन्होंने दवाइयां कम लेने और फल, शाक-सब्जी, दूध और घी के उपयोग के बारे में विशेष जानकारी दी। शिविर में पहुंचे योग साधकों ने बताया कि योगाभ्यास से गर्दन, कमर का दर्द दूर होता है। इसे नियमित करने से शुगर, ब्लड प्रेशर और थाइराइड जैसी सामान्य बीमारियों में भी फायदा हुआ। शिविर में योगाचार्य डॉ. शिव शंकर पटेल और योग प्रशिक्षक अंजू सोनी ने पहले बुजुर्गों की सेहत के लिए आसान योग सिखाए। फिर बच्चों का योग और नाड़ी परीक्षण एक साथ शुरू हुआ। नितिन शर्मा, अनुष्का पटेल, पुण्यव्रत सिंह, यश गमछा, महक कटारिया, इशिता रावल, मुस्कान सोनी, विक्रम सिंह आदि बच्चों ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया।

मीठा हो बच्चों का पहला आहार
योग शिविर में वैद्य गणेश ने कहा कि बच्चों को सुबह तली-भूनी चीजें खिलाकर दूध का सेवन कराना नुकसानदायक है। पहला आहार मीठा देना चाहिए। बेहतर है कि दूध, चावल, मिस्री और देसी गाय का घी खिलाएं। केला शहद खिलाकर दूध पिलाना स्वास्थ्यवर्धक है। टॉफियां और फास्ट फूड नुकसानदायक है। विभिन्न बीमारियों में खाने-पीने की विशेष जानकारी देते हुए उन्होंने अमरूद, गाजर, देसी बेर को पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद बताया। जबकि पुनर्नवा, तुलसी, मूलहठी, पीपल के बीज, लेड़ी पीपल और अरबी खजूर के विशेषताएं बताई।

इनका नाड़ी परीक्षण
प्रीति गुप्ता, राजेन्द्र पटेल, अनूप शुक्ला, संतोष अग्रवाल, शशांक सेवड़े, आरपी गुप्ता, अनुप सोनी, प्रेमलाल वर्मा, सुशीला रैकवार, नीलू गमछा, नीता सिह आदि लोगों का नाड़ी परीक्षण किया। औषधियों के साथ योग और प्राणायाम का सहारा लेने की सलाह दी गई। वैद्य गणेश ने कहा कि योग में ही बीमार को बिना दवा के निरोगी बनाने की क्षमता है। अग्नि पुराण में जड़ी बूटियों की जो विशेषताएं हैं, उसे परखने की आवश्यकता है।

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