#Rain बारिश के चलते बिजली की मांग में आई गिरावट

पिछले साल 11 हजार मेगावॉट तक पहुंच गई थी अक्टूबर में मांग


जबलपुर, बारिश के चलते प्रदेश में बिजली की मांग पिछले वर्ष की तुलना में कम है। पिछले वर्ष अक्टूबर माह से बिजली की डिमांड बढऩी शुरू हो गई थी। अक्टूबर में ही मांग का आंकड़ा नौ हजार मेगावॉट प्रतिदिन से अधिक पहुंच गया था, लेकिन इस बार अक्टूबर माह में बिजली की डिमांड लगभग दस प्रतिशत कम है। वर्तमान में प्रदेश में बिजली की मांग आठ हजार मेगावॉट के करीब है। यह आंकड़ा वर्ष 2017 में डिमांड से भी कम है।
वर्तमान में प्रदेश में बिजली की मांग:- 8050 मेगावॉट
वर्ष 2018 में प्रदेश में बिजली की मांग:- 11000 मेगावॉट
वर्ष 2017 में प्रदेश में बिजली की मांग:- 9000 मेगावॉट
इसलिए कम है डिमांड, नवंबर से बढ़ेगी
रबी सीजन के शुरू होते ही डिमांड में बढ़ोत्तरी होती है, लेकिन इस बार बारिश के चलते किसानों को पर्याप्त पानी मिला, जिस कारण पंप व अन्य उपकरण शुरू नहीं किए गए। लेकिन अब बारिश का दौर थम चुका है। इसलिए नवंबर माह से बिजली की मांग बढऩे की उम्मीद की जा रही है।
पिछले वर्ष अक्टूबर में मांग
5 हजार मेगावॉट- मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (इंदौर व उज्जैन सम्भाग )
3 हजार मेगावॉट- मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ( भोपाल व ग्वालियर )
3 हजार मेगावॉट - पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (जबलपुर, सागर व रीवा)
पिछले वर्ष नवंबर में मांग
5 हजार 236 मेगावॉट- मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (इंदौर व उज्जैन सम्भाग )
3 हजार 872 मेगावॉट- मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ( भोपाल व ग्वालियर )
3 हजार 331 मेगावॉट - पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (जबलपुर, सागर व रीवा)

2017 के मुकाबले 2018 में 33 प्रतिशत
प्रदेश में वर्ष 2017 के मुकाबले वर्ष 2018 अक्टूबर में बिजली की मांग 25 प्रतिशत और नवंबर में 33 प्रतिशत अधिक मांग रही। पिछले वर्ष धनतेरस पर बिजली की मांग 12 हजार 439 मेगावॉट रही। जबकि वर्ष 2017 में यह आंकड़ा 9 हजार 382 मेगावॉट रही। धनतेरस पर वर्ष 2018 में प्रदेश में 26.31 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई की गई, जबकि 2017 में धनतेरस के दिन 20.77 करोड़ यूनिट की सप्लाई की गई थी।

virendra rajak
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