एनआरआई डॉक्टर बनकर युवतियों से करता था ठगी

-लंदन में डेंटिस्ट असिस्टेंट का डिप्लोमा करने चलते खुद को बताता था एनआरआई डॉक्टर

By: santosh singh

Published: 02 Sep 2020, 12:39 AM IST

जबलपुर। फर्राटेदार अंग्रेजी और खुद को एनआरआई डॉक्टर बताकर युवतियों को शादी के झांसे में फंसाकर पैसे ऐंठने वाले एक शातिर ठग को स्टेट सायबर सेल ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। 46 वर्षीय आरोपी ने जबलपुर की एक युवती से 1.92 लाख रुपए जीवन साथी डॉट कॉम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ऐंठ लिए। उसने युवती से खुद का परिचय इस्तांबुल तुर्की के डॉक्टर के रूप में दिया था। 27 अगस्त को युवती ने मामले में शिकायत की थी। आरोपी ने देश भर में कई युवतियों को अलग-अलग नाम और प्रोफाइल से ठगा है।
स्टेट सायबर सेल के एसपी अंकित शुक्ला ने बताया कि पुणे की एक प्रतिष्ठत कम्पनी में एचआर में कार्यरत जबलपुर निवासी युवती ने मामले की शिकायत की थी। बताया था कि जीवन साथी डॉट कॉम पर डॉक्टर ब्रुशाल कर्वे नाम से एक जालसाज ने खुद का प्रोफाइल बना रखा है। इस्तांबुल तुर्की में डॉक्टर होने का हवाल देकर वह भारत में उससे मिलने आने और फिर कस्टम में फंसने का झांसा देकर 1.92 लाख रुपए ऐंठ लिया। मामले में अपराध क्रमांक 149/2020 धारा 419, 420, 468, 471,120बी भादवि और 66-डी आईटी एक्ट का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया।
रेलवे स्टेशन से किया गया गिरफ्तार-
एसपी शुक्ला के मुताबिक मामले में निरीक्षक हरिओम दीक्षित और विपिन ताम्रकार की संयुक्त टीम को लगाया गया। आरोपी को जबलपुर स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान मुम्बई निवासी वैभव सतीश कपले के रूप में हुई। मूलत: नागपुर का रहने वाले वैभव के मां-पिता की बचपन में ही मौत हो चुकी है। मुम्बई में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई किया। लंदन में डेंटिस्ट असिस्टेंट का डिप्लोमा भी कर चुका है। पूर्व में वह मुम्बई में डाटा एंट्री ऑपरेटर का कार्य करता था। इस कारण वह फर्राटेदार अंग्रेजी, मराठी और हिन्दी बोलता है।
मैरिज ब्यूरो साइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था-
खुद की शादी के लिए उसने मैरिज ब्यूरो साइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। एक युवती ने उसे पांच हजार की मदद कर दी थी। तभी से उसे ठगी का आईडिया आया और उसने विभिन्न मैरिज ब्यूरो पर अलग-अलग नाम, फोटो, देश के नाम से प्रोफाइल बना कर युवतियों को शादी के झांसे में फंसाता था। फिर अलग-अलग कारण बता वह युवतियों से पैसे ऐंठता था।

हर वर्ष डेढ़ लाख डॉलर की आमदनी बतायी थी-
जबलपुर की युवती को उसने झांसे में फंसाने के लिए महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस नासिक का ग्र्रेजुएट बताया था। लंदन मे सर्जन के कार्य का अनुभव होने के साथ ही हर वर्ष डेढ़ लाख डॉलर की आमदनी बतायी थी। वह विदेशी भवनों, स्थानों, दूसरे के शैक्षणिक योग्यताओं का फर्जी तरीके से उपयोग करता था। इससे पहले वह मुम्बई, पुणे, जलगांव, खंडवा, इंदौर व देवास में रह चुका है। इन जगहों पर उसके बैंक खाते भी मिले हैं। आरोपी के पास से कई बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और पांच मोबाइल टीम ने जब्त किए। वह ठगी की रकम से महंगे होटल में रुकता और अय्याशी करता था। उसकी ठगी की शिकार सबसे अधिक मराठी युवतियां हुई हैं।
क्या करें
-प्रोफाइल मे दर्शाई गई जानकारी की सत्यता की जांच कर लें।
-मैट्रीमोनियल साइट्स के माध्यम से बात कर रहे हों तो सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी अवश्य कर लें।
-व्यक्ति के पारिवारिक पृष्ठभूमि, शिक्षा और नौकरी की जांच अवश्य कर लें ।
-मैट्रीमोनियल साइट वाले व्यक्ति की कॉमन फ्रेंडस, परिजनों व मित्रों से जानकारी साझा कर वास्तविकता की जांच कर लें।
-संपर्क साधने वाले व्यक्ति से मिलकर उसके बारे में जानने का प्रयास करें।
-मैट्रीमोनियल साइट्स के माध्यम से पैसों की मांग होने पर तुरंत सायबर पुलिस को सूचना दें।
-विवाह से पूर्व किसी भी प्रकार अपने खातों एवं बैंक अकाउंट्स की जानकारी साझा न करें।
-विवाह से पूर्व किसी भी प्रकार की पारिवारिक फोटो, स्वयं की फोटो व वीडियो साझा न करें ।
-मैट्रीमोनियल साइट पर सम्पर्क में आए व्यक्ति से किसी भी तरह का उपहार व पैसे स्वीकार न करें।

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