इस शहर के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की कुर्सी खतरे में

इस शहर के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की कुर्सी खतरे में
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Manish Garg | Updated: 12 Oct 2019, 01:01:24 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

जबलपुर जिले में 24 हाईस्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से नीचे, 9 हायर सेकेंडरी स्कूलों का परिणाम 35 प्रतिशत से नीचे

जबलपुर . स्कूल शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षा में फिसड्डी साबित हुए शिक्षकों की पढ़ाई की योग्यता को परखने जा रहा है। यदि इस बार शिक्षक खरे नहीं उतरते हैं तो उन्हें स्कूलों से हटाया जा सकता है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के शिक्षकों का इम्तिहान लिया जाएगा। जबलपुर संभाग से करीब 200 शिक्षकों को परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा 14 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी।

औसत से भी नीचे रहा परिणाम
माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा के दौरान जिले के 24 हाईस्कूलों का परीक्षा परिणाम 5 से 30 फीसदी रहा है। 9 हायर सेकेंडरी स्कूलों का परिणाम 35 फीसदी के नीचे रहा है।
- लगभग छ: हजार में से मात्र 23 फीसदी ही हुए पास-
प्रदेश में खराब परिणाम देने वाले 5866 शिक्षकों की प्रारंभिक परीक्षा ली गई थी। जिसमें 23 फीसदी शिक्षक परीक्षा में पास नहीं हो सके। यानी 1371 शिक्षक फेल हो गए। जबलपुर संभाग में करीब 1300 शिक्षकों में 200 शिक्षक फेल हो गए थे।
- यह हो सकती है कार्रवाई-
परीक्षा में फेल होने वाले शिक्षकों को सेवानिवृत्ति या फिर उनका डिमोशन करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा शिक्षकों को जिले से बाहर भेजने, क्रमोन्नति रोक देने जैसे निर्णय लिए जा सकते हैं।
- अयोग्य हुए तो सख्त कार्रवाई-
लोक शिक्षण संचालनालय जयश्री कियावत का कहना है कि स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए विभाग बेहद गंभीर है। शिक्षकों की परीक्षा ली जा रही है कि वे बच्चों को पढ़ाने के काबिल हैं या नहीं। परीक्षा में फेल होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।

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