वाहन चोरों की खैर नहीं, पुलिस के इस खास त्रिनेत्र से बचना होगा मुश्किल

-शहर के प्रमुख चौराहों पर होगा पुलिस का ये त्रिनेत्र
-हर टीआई इससे जुड़ा होगा
-पुलिस वाले भी रहेंगे कनेक्टेड

By: Ajay Chaturvedi

Published: 29 Jun 2020, 02:53 PM IST

जबलपुर. वाहन चोरी का खुलासा अब पुलिस के लिए आसान होने जा रहा है। किसी भी रास्ते से गुजरने वाले चोरी के वाहन का पता पुलिस का ये त्रिनेत्र करेगा। यह त्रिनेत्र शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों पर होगा जिससे यातायात पुलिसकर्मी ही नहीं पुलिस के अन्य छोटे-बड़े अधिकारी भी इससे कनेक्टेड होंगे। यह सुविधा बहुत जल्द जबलपुर में भी उपलब्ध होने जा रही है।

अभी तक वाहन चोर बड़े करीने से चोरी के वाहनों के कल-पुर्जे बदल कर गाड़ियो को बेच देते रहे। ये चोरी की गाड़ियां आम वाहनों की तरह ही शहर में फर्राटा भरती रही हैं। पुलिस चाह कर भी ऐसे वाहनों का पता नहीं लगा पाती थी। कहीं भी वाहन चेकिंग के दौरान भी शक होने पर तत्काल पुलिस को उक्त वाहन के डिटेल उपलब्ध नहीं हो पाते थे जिससे चोरी का वाहन पुलिस के हाथ आते-आते रह जाता था। लेकिन ये अब नहीं चलेगा। पुलिस वेल इक्यूप्ड होगी। पुलिस वाले के मोबाइल में वो सब कुछ फीड होगा जिससे वह चोरी के वाहन को आसानी से पकड़ सकेगी।

इसके लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने एक ऐसा पोर्टल शुरू किया है, जिससे चोरी के वाहन का पता लगाना काफी आसान हो जाएगा। दरअसल ये एक ऐसा पोर्टल है जिसमें प्रदेश के सभी थानों से चोरी गए वाहनों का डाटा तो फीड है ही, साथ ही इसे लगातार अपडेट किया जा रहा है जिसके तहत प्रतिदिन चोरी होने वाले वाहनों के नंबर व अन्य जरूरी रिकार्ड फीड किए जा रहे हैं। इस पोर्टल को सार्थक और असरकारक बनाने के लिए इसे शहर के विभिन्न चौराहों पर लगे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरा (ANPR) से जोड़ा जाएगा। ऐसे में चोरी का वाहन जैसी ह उस कैमरे से गुजरेगा, कैमरा उसका नंबर पोर्टल में दिए गए चोरी के वाहनों से मिलान करेगा। चोरी के वाहन का नमंबर डिटेक्ट होते ही, उस थाने के टीआई और जांच अधिकारी के मोबाइल पर मैसेज ट्रांसफर हो जाएगा। संबंधित टीआई और जांच अधिकारी को वो बताएगा कि चोरी का वाहन अमुक क्षेत्र से अभी-अभी गुजरा है।

यही नहीं अक्सर मुख्य चौराहों या अन्य मार्गों पर चेकिंग के दौरान भी पुलिसकर्मी को अगर कोई संदिग्ध वाहन दिखता है तो भी पुलिस फौरन कोई एक्शन नहीं ले पाती थी। कारण कि यह सत्यापित करना पुलिस के लिए कठिन होता था कि वो वाहन जो संदिग्ध नजर आ रहा है वह वास्तव में चोरी का है। लेकिन अब पुलसिककर्मी के मोबाइल में ही व्हीकल डिटेक्टर पोर्टल का लिंक होगा तो यह काम भी आसान हो जाएगा। इस सुविधा के लिए इस पोर्टल को आरटीओ और सीसीटीएनएस से कनेक्ट किया जा रहा है, ऐसे में जैसे ही वाहन का नंबर मोबाइल के माध्यम से पोर्टल में लोड किया जाएगा, पोर्टल बता देगा कि इस नंबर का वाहन कहां से और कब चोरी हुआ है और इस वाहन का मालिक कौन है। एक अन्य महत्वपूर्ण फंक्शन भी इसमें लोड किया जा रहा है, जिससे यह पता चल जाएगा कि वाहन किस मामले में जब्त किया गया है।

यह पोर्टल जबलपुर में बहुत चालू होने वाला है। इसके तहत शहर के आठ स्थानों पर आधुनिक automatic number plate recognition camera (एएनपीआर कैमरे) लगाए जाएंगे। उसके बाद शहर में वाहनों की चोरी और चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री पर भी अंकुश लगाने में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिल पाएगी।

प्रदेश में चोरी गए वाहनों को ट्रेस करने के लिए यह पोर्टल बहुत उपयोगी साबित होगा। जबलपुर जिले में चोरी गए वाहनों की एंट्री तेजी से हो रही है।-सिद्घार्थ बहुगुणा, एसपी जबलपुर

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