यहां के पार्क में हरियाली नहीं सूखी घास होती है

जबलपुर में उद्यानों को संवारने की है दरकार

नगर निगम सीमा में उद्यान
- 350 उद्यान हैं शहर में
- 16.50 लाख है शहर की आबादी
- 4714 लोगों पर एक उद्यान
उद्यानों में विकास कार्य
आदर्श नगर उद्यान
- 78 लाख से होंगे विकास कार्य
- 4108.88 वर्ग मीटर है क्षेत्रफल
- 9.50 प्रतिशत काम हुआ

त्रिपुरी पार्क
- 3.65 करोड़ रुपए है प्रोजेक्ट की लागत
- 45754 वर्ग मीटर है क्षेत्रफल
- जमीन स्वीकृत होने का इंतजार

अधारताल उद्यान
- 2.4 करोड़ है प्रोजेक्ट की लागत
- 16942.91 वर्ग मीटर है क्षेत्रफल
- 2.50 प्रतिशत काम हुआ

चंद्रशेखर उद्यान
-1.37 करोड़ रुपए है प्रोजेक्ट की लागत
- 9809.80 वर्ग मीटर है क्षेत्रफल
- 18.75 प्रतिशत काम हुआ

संग्राम सागर पार्क

- 84 लाख है प्रोजेक्ट की लागत
- 6627.68 वर्ग मीटर है क्षेत्रफल
- 2.75 प्रतिशत काम हुआ

शिव नगर पार्क
- 1.03 करोड़ रुपए है प्रोजेक्ट की लागत
- 6562.21 वर्ग मीटर है क्षेत्रफल
- 22.75 प्रतिशत काम हुआ

जबलपुर। शहर का हरित क्षेत्र बढ़ाने और उद्यानों को संवारने के नाम पर नगर निगम प्रशासन हर साल मोटी रकम खर्च करता है। लेकिन, इस अनुपात में नगर के उद्यानों की तस्वीर नहीं बदल रही है। इसका कारण है उद्यानों का ठीक ढंग से रखरखाव नहीं होना। आलम यह है कि शहर के अधिकतर उद्यानों में पेड़-पौधे या तो सूख गए हैं या सूखने की कगार पर हैं। अधिकतर पार्कों में बच्चों के मनोरंजन के साधन भी नहीं हैं। नगर निगम प्रशासन एक बार फिर शहर में ऑक्सीजोन बढ़ाने और उद्यानों को संवारने के नाम पर दस करोड़ रुपए खर्च करने जा रहा है। छह उद्यानों को संवारने की बात कही जा रही है। इन उद्यानों में काम भी शुरू हो गया है।

नगर निगम सीमा क्षेत्र में स्थित ज्यादातर उद्यानों की घास सूख गई है। उनके स्थान पर नई घास और पेड़ पौधे नहीं लगाए गए हैं। पार्कों में सफाई भी नहीं होती, इससे हर तरफ कचरा फैला रहता है। शहर के ज्यादातर उद्यानों में बच्चों के मनोजरंजन के लिए लगाए गए झूले और अन्य उपकरण टूट गए हैं। इससे इन क्षेत्रों के लोग भी उद्यानों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। नगर निगम आयुक्त आशीष कुमार ने कहा कि शहर के सभी उद्यानों को व्यवस्थित औ हरा-भरा बनाने के लिए पहल की गई है। एक-एक कर सभी उद्यानों को विकसित किया जाएगा। अभी छह पार्कों में काम हो रहा है।

shyam bihari Desk
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