ये नहीं हैं किसी से कम, आत्मनिर्भर बनकर लेके दम

जबलपुर में स्कूल शिक्षा विभाग देगा काम, कोरोना संकट के चलते निर्णय

By: shyam bihari

Published: 26 Jun 2020, 09:34 PM IST

प्राइमरी स्कूल डिजाइन
-छात्राओं के लिए ट्यूनिक एवं शर्ट के साथ लेगिस
-छात्रों के लिए हाफ पैंट एवं हाफ शर्ट
मिडिल स्कूल
-बालिकाओं के लिए सलवार कुर्ता के साथ जैकेट
-बालकों के लिए फुल शर्ट एवं फुल पैंट
कलर सुझाव
-नेवी ब्लू पेंट/ सलवार के साथ स्काय ब्लू शर्ट/ कुर्ता
-डार्क ग्रे पेंट के साथ रेड लाइन शर्ट प्राथमिक कक्षा में
-छात्राओं के लिए जिस कलर का लोवर कपड़ा होगा उसी कलर का जैकेट

जबलपुर। स्व सहायता समूहों को जबलपुर जिले में अब यूनिफॉर्म बनाने का भी काम दिया जाएगा। कोरोना संकट एवं लॉकडाउन के चलते स्कूल शिक्षा विभाग ऐसा कर रहा है। एक तरह से उन्हें रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। समूहों को चिह्नित किया जा रहा है। पहली बार यूनिफॉर्म स्वसहायता समूह के माध्यम से बच्चों तक पहुंचेगी। अब तक दो जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए बच्चों को 600 रुपए दिए जाते थे। स्व सहायता समूह की क्षमता का निर्धारण एवं कार्य आदेश कलेक्टर करेंगे। समूह को तीन माह में स्टैंडर्ड साइज की यूनिफॉर्म उपलब्ध करानी होगी। कक्षा 1 से 8 में शासकीय स्कूलों के प्रत्येक विद्यार्थी को 2 जोड़ी गणवेश दी जाएगी।

गणवेश की 80 प्रतिशत राशि पहले दी जाएगी। 20 फीसदी राशि गणवेश मिलने के बाद दी जाएगी। स्वसहायता समूह शाला प्रबंध समिति को गणवेश सप्लाई करेंगे। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला वित्त एवं विकास निगम एवं शहरी क्षेत्रों में नगरीय विकास एवं आवास विभाग इसमें शामिल रहेगा। भारतीय मानक ब्यूरो के स्पेसिफिकेशन के अनुसार कपड़े में पॉलिस्टर विस्कोस अथवा पॉलिस्टर कॉटन ब्लैडेड यार्न का उपयोग किया जाएगा। इसमें पॉलिस्टर की मात्रा 64 से 70 फीसदी तथा कॉटन विस्कोस 33 फीसदी तक होगी। रोटो कपड़े का उपयोग वर्जित होगा। समूह को गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखना होगा। जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा ने बताया कि जिले में पहली बार इस व्यवस्था पर काम शुरू होगा। स्वसहायता समूहों को भी इससे आर्थिक मदद मिलेगी। आजीविका मिशन इसका चयन करेगा।

shyam bihari Desk
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