दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची नर्मदा एक्सप्रेस, सिग्रल तोड़कर आगे बढ़ी , मच गया हड़कंप

रेल मंत्रालय हुआ सक्रिय

By: deepak deewan

Published: 24 May 2018, 08:57 AM IST

जबलपुर। कटनी के पास नर्मदा एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बच गई. इंदौर से बिलासपुर जाने वाली १८२३३ नर्मदा एक्सप्रेस बुधवार सुबह कटनी साउथ से छूटकर रेड सिग्नल पार करते हुए न्यू कटनी जंक्शन (एनकेजे) पहुंच गई। ट्रेन के एनकेजे पहुंचने के बाद पता चला कि लोको पायलट ने रेड सिग्नल पार किया है। इसकी जानकारी फौरन ही रेल मंत्रालय तक पहुंची और हड़कंप मच गया। रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और लोको पायलट बीएल पटेल को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया। दूसरे लोको पायलट सुखलाल पटेल ट्रेन लेकर बिलासपुर रवाना हुए। इस दौरान एनकेजे पर नर्मदा एक्सप्रेस १ घंटे २७ मिनट तक खड़ी रही। इससे गर्मी में यात्री परेशान होते रहे।


ग्रीन से रेड हुआ सिग्नल
उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद एनकेजे एरिया मैनेजर एनके राजपूत की प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्य के अनुसार एनकेजे 'एÓ केबिन के स्टेशन मास्टर द्वारा पहले नर्मदा एक्सप्रेस के लिए ग्रीन सिग्नल दिया गया। ग्रीन सिग्नल से ट्रेन छूटने के बाद ड्राइवर को सूचना दिए बिना ही अचानक सिग्नल रेड कर दिया गया। ट्रेन एनकेजे पहुुंच गई। ग्रीन सिग्नल रेड होने की सूचना कटनी साउथ के स्टेशन मास्टर सीपी सिंह को भी दी गई थे। उन्होंने वॉकी-टॉकी से ड्राइवर को इसकी जानकारी नहीं दी।


मालगाड़ी को पासिंग देने बदला सिग्नल
कटनी साउथ रेलवे स्टेशन से नर्मदा एक्सप्रेस के छूटने के बाद भी यात्री गाड़ी को रोकने के लिए रेड सिग्लन देने के पीछे प्रमुख कारण मालगाड़ी को पासिंग देना बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एनकेजे यार्ड में एक मालगाड़ी में इंजन जुड़ जाने के बाद उसे रवाना करने के लिए नर्मदा एक्सप्रेस को दिया गया हरा सिग्नल लाल कर दिया गया।

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- कटनी साउथ से ट्रेन ग्रीन सिग्नल पर छूटी थी। सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ी चूक है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। विस्तृत जांच पूरी होते ही जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
एनके राजपूत, एरिया मैनेजर, कटनी

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