ट्रांसपोर्टर्स ने शुरू की देश व्यापी हड़ताल, थमे लाखों चकों के पहिए

खड़े-खड़े ही अरबों का डीजल पी रहे

By: deepak deewan

Updated: 20 Jul 2018, 02:16 PM IST

जबलपुर। शुक्रवार को ट्रकमालिकों की देशव्यापी हड़ताल शुरु हो गई। इसका असर शहर में दिखने लगा है। डीजल के बढ़ते दामों और सडक़ निर्माण के लिए राशि का अलग से प्रॉवधान होने के बावजूद टोल टैक्स की वसूली से आहत ट्रक संचालकों ने देश व्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया है। हालांकि फिलहाल ट्रकों की आवाजाही जारी पर यूनियन का कहना है कि दोपहर बाद धीरे-धीरे ट्रकों के पहिए पूरी तरह थमेंगे।


हड़ताल के संबंध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की विशेष बैठक में 20 जुलाई से ट्रकों की देश व्यापी हड़ताल और चक्काजाम का निर्णय लिया गया था। ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में विभिन्न जिलों के ट्रक ऑपरेटर और उनसे जुड़े संगठनों के सदस्यों के मुताबिक वाहनों से टोल टैक्स की वसूली गलत है। जबलपुर प्रवास पर आए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष मलकीत सिंह बल ने बताया था कि सरकार की टोल नीति की विसंगति का आलम ये है कि 20 हजार करोड़ का टोल राजस्व वसूलने के लिए देश को एक लाख 43 हजार करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि टोल नाकों पर औसतन 70 मिनट एक वाहन को खड़ा होना पड़ता है। जिससे ईंधन का बेजा खर्च होता है। एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि देश भर में केवल टोल नाके पर खड़े होने के दौरान ही ट्रक दिन भर में करीब 1.4 लाख करोड़ का डीजल पी जाते हैं। यह देश का भी नुकसान है। वहीं ऑल इंडिया ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने खुद को हड़ताल से अलग रखा है।


फिर टोल की वसूली क्यों
सदस्यों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार रोड सेस पर प्रति लीटर 8 रुपए वसूल रही है्र तो फिर टोल किस बात का वसूला जा रहा है। रोज सरकार के खजाने में सिर्फ सेस से 1 लाख 04 हजार करोड़ रुपए जमा होते हैं। ऑल इडिया ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने 20 जुलाई से देशव्यापी हड़ताल से अपने संगठन को अलग रखा है। संगठन के अध्यक्ष नरिंदर सिंह पांधे ने बताया कि हड़ताल से ट्रक वालों को कुछ हासिल नहीं होता है। संगठन बातचीत के माध्यम से समस्या का हल निकालने का प्रयास करेगा।

ये भी उठे सवाल
- ट्रक चालकों से की जा रही अवैध वसूली को रोकने प्रयास क्यों नहीं?
- जब सडक़ निर्माण हेतु डीजल पर 2 रुपये प्रति लीटर उपकर लिया जा रहा है तो फिर टोल टैक्स क्यों?
- डीज़ल जीएसटी के दायरे मे क्यों नहीं?
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का बढ़ा हुआ प्रीमियम वापस लिया जाय।
- मेंटेन वाहनों की लाइफ को 25 साल किया जाए।
- चेसिस की कीमत कम की जाये।
- चेसिस खरीदने पर ब्याज दर 3 प्रतिशत से अधिक नहीं हो।
- पूरे देश में सख्ती से अंडर लोड कानून लागू किया जाये, लोड कराने वाले व्यापारी से भी बराबर जुर्मना वसूला जाये।
- सरकार यूनियन की सहमति से प्रति किलो मीटर का भाड़ा कम करे।
- देश भर में आरटीओ, पुलिस, यातायात पुलिस द्वारा ट्रक चालकों से की जा रही अवैध वसूली को सख्ती से रोका जाए।
- समस्त करों का समायोजन करके ट्रक मालिकों से भी एक ही प्रकार का कर वसूला जाए।

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