scriptuntold story of pitru paksha, how to do pitru paksha puja at home | पितरों को तुरई के पत्तों में भोग देने की परंपरा, चतुर्थी पर पितरों का हुआ पिंडदान | Patrika News

पितरों को तुरई के पत्तों में भोग देने की परंपरा, चतुर्थी पर पितरों का हुआ पिंडदान

पितरों को तुरई के पत्तों में भोग देने की परंपरा, चतुर्थी पर पितरों का हुआ पिंडदान

जबलपुर

Published: September 14, 2022 12:45:54 pm

जबलपुर। श्राद्ध पक्ष पखवाड़ा में मंगलवार को चतुर्थी तिथि का तर्पण, पिंडदान हुआ। नर्मदा समेत हनुमानताल, अधारताल तालाब समेत आसपास की अन्य नर्मदा की सहायक नदियों पर भी पितरों का तर्पण, श्राद्ध आदि कर्मकांड सम्पन्न हुए। नर्मदा तट ग्वारीघाट में सबसे ज्यादा लोग पितरों का तर्पण आदि करने पहुंचे। तीर्थ पुरोहितों ने विधि विधान से चतुर्थी तिथि पर गौलोक गए पितरों का श्राद्ध, पिंडदान कर मोक्ष की कामना के साथ दान पुण्य कर्म कराया। शहर से दूर रहने वाले लोग भी नर्मदा तटों पर अपने पितरों का पिंडदान करने के लिए पहुंच रहे हैं। कुलपुरोहितों व तीर्थ पंडों से विधि पूर्वक पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना भी कर रहे हैं।

pind_daan.jpg
pitru paksha

तुरई के पत्तों में भोग लगाने की परंपरा, मानदानों को विशेष आमंत्रण
पं. जनार्दन शुक्ला ने बताया महाकोशल क्षेत्र में श्राद्ध तिथि पर पितरों को तुरई के पत्तों में भोग लगाने की लोक परंपरा सदियों से चली आ रही है। पितरों के भोग में विशेषकर तुरई वाली दाल जरूर बनाई जाती है। इसके अलावा उड़द दाल के बड़ा, मूंग दाल के मंगोड़े, कढ़ी, चावल, पुड़ी, खीर बनाए जाते हैं। जबलपुर व आसपास के जिलों में यह परंपरा बहुत पुरानी है। पितरों को तुरई के पत्तों में भोग लगाकर उन्हें छत व आंगन में आमंत्रित किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इन पत्तों में ही पितृ कौओं के रूप में आकर भोग ग्रहण करते हैं। इसके बाद बेटी-दामाद, बुआ-फूफा, भांजा-भांजी, बहन-जीजा समेत अन्य मानदानों व ब्राह्मणों को भोज कराकर उन्हें पितरों की याद में यथाशक्ति भेंट दी जाती है। ऐसी लोक मान्यता है कि मानदानों को खिलाने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

ज्योतिषाचार्य पं. जनार्दन शुक्ला ने बताया कि पितृ पक्ष की संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश का पूजन विशेष महत्व रखना है। मंगलवार को व्रतधारी माताएं एवं परिवार के लोगों ने शाम को चतुर्थी का चांद देखकर अपने एवं अर्थव शीर्ष का पाठ कर स्वर्गवासी पूर्वजों के मोक्ष की कामना से अर्घ दिया।

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

Ankita Bhandari Murder Case: मेरा बेटा सीधा-साधा है, बीजेपी से हटाए गए विनोद आर्य ने अपने बेटे का किया बचाव'आज भी TMC के 21 विधायक संपर्क में, बस इंतजार करिए', मिथुन चक्रवर्ती ने दोहराया अपना दावाखाना वहीं पड़ा था, डॉक्युमेंट्स और सामान भी वहीं थे , लेकिन... रिसॉर्ट के स्टाफ ने बताया कैसे गायब हुई अपने कमरे से अंकिताVideo: महबूबा मुफ्ती ने किया Pakistan PM का समर्थन, जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर दिया ये बयान'PFI पर कार्रवाई करने में इतना वक्त क्यों लगा?', प्रियंका चतुर्वेदी ने कश्मीर को लेकर PM मोदी पर साधा निशाना2 खिलाड़ी जिनका करियर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बीच सीरीज में हुआ खत्म, रोहित शर्मा नहीं देंगे मौका!चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग हुए हाउस अरेस्ट! बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी के Tweet से मचा हड़कंपयुवाओं को लश्कर-ए-तैयबा और ISIS में शामिल होने को उकसा रहा था PFI, ग्लोबल फंडिंग के सबूत
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.