विहिप नेता के पास कहां से आए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन, जनप्रतिनिधि बोले मामले की कराएं सीबीआई जांच

विहिप नेता के पास कहां से आए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन, जनप्रतिनिधि बोले मामले की कराएं सीबीआई जांच

 

By: Lalit kostha

Published: 11 May 2021, 12:23 PM IST

जबलपुर। कोरोना संकट से निपटने नगर में कोविड सेंटर बनाने से लेकर ग्रामीण स्तर में जो अन्य व्यवस्था की गई हैं उन्हें कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए यथावत रखा जाए। जीवन रक्षक दवाईयों, ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने निगरानी तंत्र को चौकस करें। निजी अस्पतालों की मनमानी बिलिंग पर अंकुश लगाएं। नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। सोमवार को मुख्यमंत्री के साथ बैठक में विधायकों ने ये मांग रखी। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन की खामियों को लेकर भी सवाल उठाए और उन्हें हर हाल में दूर करने की मांग की।

सीबीआई जांच की मांग
नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन के रैकेट के मामले की सीबीआई जांच होना चाहिए। विधायक विनय सक्सेना ने सीएम से मांग करते हुए कहा की मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। नगर के सभी श्मशान व कब्रिस्तानों का क्षेत्रफल बढ़ाया जाए और शेड की व्यवस्था की जाए। ब्लैक फंगस म्युकर मायकोसिस नामक बीमारी भी कई शहरों में तेजी से फै ल रही है। इसके संक्रमण के फैलाव की रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी करें। इंदौर-भोपाल के तर्ज पर यहां भी वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की जाए। विक्टोरिया अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में ऑक्सीजन सप्लाई की लाइन जर्जर होने के कारण आवश्यक क्षमता की ऑक्सीजन सप्लाई नहीं हो रही है तत्काल व्यवस्था दुरुस्त कराएं।


कहां से आए इतने इंजेक्शन जांच हो-
बैठक में विधायक तरुण भनोत ने मुद्दा उठाया की जिले को शासन जितनी संख्या में रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए उससे ज्यादा इंजेक्शन यहां कैसे आए, सप्लाई चैन क्या थी इसकी उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए। कोरोना के इलाज में उपयोग की जा रही है अन्य जीवन रक्षक दवाईयों की सप्लाई पर भी नजर रखी जाना चाहिए। उन्होंने कहा की अस्पतालों को जो ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं वे मरीजों को समय पर मिलें ये भी व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने निजी अस्पतालों में बनने वाले अनाप-शनाप बिलों की निगरानी व्यवस्था भी बेहतर बनाने की मांग रखी।

तीसरी लहर के मद्देनजर यथावत रखें व्यवस्था
विधायक अजय विश्नोई ने कहा की कोरोना संकट से निपटने जो अस्थायी इंतजाम किए गए हैं उन्हें कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए अगले 6 महीने तक यथावत रखा जाए। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में जो कोविड सेंटर तैयार किए जा रहे हैं उनमें मरीज की वहीं जांच हो व पूरा इलाज मिल सके, इसके लिए आवश्यक मशीन व इंजेक्शन दिला दें। रोगी कल्याण समिति के लिए जो पांच लाख पहले दिए जाते थे फिर से दें। किट में डॉक्सी टेबलेट खरीदें। हेंडग्लब्स अस्पतालों को उपलब्ध कराएं। ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलेंडर की मुनाफाखोरी बंद कराएं। 32 एमबीबीएस डॉक्टर जबलपुर के लिए भेजे गए थे, जबकि उनमें से केवल 10 मिले। बाकी 22 को भी वापस लाया जाए, सभी ने बांड भरे थे। आर्मी अस्पताल से बिस्तर न मांगे जाएं उनसे संसाधन भी उपलब्ध कराएं। डीआरडीओ की बनाई दवा को उपलब्ध कराने एडवांस में आर्डर कर दें। राशन कार्ड बड़ी संख्या में लोगों के निरस्त हो गए थे उन्हें भी दो-तीन महीने का राशन दिया जाए। ब्लेक फं गल इंफे क्शन के इलाज के लिए अलग वार्ड बनाएं, डॉक्टर चिन्हित करें। इलाज की दवा महंगी है जो बाजार से गायब हो गई है इसका भी स्टॉक भी करें।

Lalit kostha Desk
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