scriptvision of smart city, look like a big village | स्मार्ट सिटी के सपने बड़ा गांव का नजारा, विकास के नाम पर नर्क बन गईं इस शहर की सडक़ें | Patrika News

स्मार्ट सिटी के सपने बड़ा गांव का नजारा, विकास के नाम पर नर्क बन गईं इस शहर की सडक़ें

स्मार्ट सिटी के सपने बड़ा गांव का नजारा, विकास के नाम पर नर्क बन गईं इस शहर की सडक़ें

जबलपुर

Published: January 05, 2022 03:44:44 pm

जबलपुर। बेतरतीब निर्माण कार्यों के कारण शहर हर तरफ बदहाल नजर आ रहा है। मुख्य सडक़ों से लेकर रिहायशी इलाकों में भी धूल का गुबार छाया रहता है। सीवर लाइन का प्रोजेक्ट डेढ़ दशक में पूरा नहीं हो सका है। ड्रेनेज सिस्टम सुधारने के नाम पर डेढ़ सौ करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च हो चुकी है, फिर भी बरसात के दिनों में बाढ़ के हालात बनते हैं। सफाई पर हर महीने करोड़ों खर्च करके भी नगर निगम स्वच्छता रैकिं ग में पिट रहा है। नवागत नगर निगम कमिश्नर आशीष वशिष्ठ के सामने ये चुनौतियां होंगी।

smart city
smart city

नवागत नगर निगम कमिश्नर वशिष्ठ के सामने हैं ढेरों चुनौतियां
शहर भोग रहा उधड़ी सडक़ों और अधूरे बेतरतीब प्रोजेक्ट का दंश
नगर में सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू हुए डेढ़ दशक बीत गए हैं, लेकिन आज तक काम प्रोजेक्ट का काम अधूरा है। केवल कठौंदा प्लांट चालू हो सक ा है उससे भी अभी तक क्षेत्र के घरों का कनेक्शन नहीं हो सका है। सीवर लाइन बिछाने के बेतरतीब प्रोजेक्ट के कारण नगरवासियों को सालों से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

smart_city_01.jpg

नहीं है ड्रेनेज सिस्टम
गुलौआ के शिव नगर, सुदामा नगर इलाके में हर साल बरसात के दिनों में बाढ़ के हालात बनते हैं। दरअसल गुलौआ रेलवे क्रासिंग से कुछ दूरी तक तो बांयी ओर नाला है लेकिन उसके आगे ड्रेनेज सिस्टम है ही नहीं। इसके कारण ज्यादा बरसात होने पर पानी का बहाव आगे नहीं हो पाने से शिव नगर के आसपास के इलाके में बाढ़ के हालात बन जाते हैं। इसी तरह से तिलहरी में नाले पर कालोनाइजर के द्वारा अतिक्रमण कर लिए जाने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाने से बरसात के दिनों में बाढ़ आ जाती है।

चलने लायक नहीं बची हैं कई सडक़
रानीताल से चेतराम की मढिय़ा, पंडा की मढिय़ा से त्रिपुरी चौक झंडा चौक से पुरवा, धनवंतरि नगर चौराहा से साईं कालोनी सडक़, प्रेम नगर से महानद्दा सडक़, रानीताल से दमोहनाका सडक़ चलने लायक नहीं बची हैं। लेकिन इस सडक़ों का निर्माण तो दूर की बात पेंच वर्क भी नहीं किया जा रहा है। इन सडक़ों के निर्माण के नाम पर तीन साल से निगम के जिम्मेदार बजट का रोना रो रहे हैं।

smart_city_03.jpg

ज्यादातर प्रोजेक्ट अधूरे
शहर में स्मार्ट सिटी के तहत 55 प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें राइट टाउन इलाके में फे स 1 में स्मार्ट सडक़ों का अधूरा निर्माण, फे स 2 में गोल बाजार के चारों ओर स्मार्ट सडक़ों का अधूरा निर्माण, एनएमटी का अधूरा प्रोजेक्ट, 24 घंटे जलापूर्ति का अधूरा प्रोजेक्ट समेत विकास के कई महत्वपूर्ण काम शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स में निर्माण की गति सुस्त है।

स्वच्छता रैंकिं ग में हर बार फिसड्डी
शहर की सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सिस्टम लागू है। लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था में निरंतरता नहीं है। नगर के बीचोंबीच स्थित महानद्दा, रानीताल, गंगा सागर, सूरजताल से लेकर ज्यादातर तालाब आज भी सीवर टैंक बने हुए हैं। खाली प्लाट डम्पिंग प्वाइंट बने हुए हैं। इसके कारण स्वच्छता रैंकिं ग में हर बार जबलपुर फिसड्डी साबित हो रहा है।


शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सफाई संरक्षकों से लेकर पूरी टीम को सक्रिय करेंगे। ताकि, जनभागीदारी भी बढ़े। सीवर प्रोजेक्ट व अधूरे निर्माण कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
- आशीष वशिष्ठ, आयुक्त, नगर निगम

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Republic Day 2022: गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की किलेबंदी, जमीन से आसमान तक करीब 50 हजार सुरक्षाबल मुस्तैदRepublic Day 2022 LIVE updates: देश आज मना रहा 73वें गणतंत्र दिवस का जश्न, राजपथ पर दिखेगी देश की सैन्य ताकतRepulic Day 2022: जानिए क्या है इस बार गणतंत्र दिवस की थीमस्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना हालातों पर राज्यों के साथ की बैठक, बोले- समय पर भेजें जांच और वैक्सीनेशन डाटाBudget 2022: कोरोना काल में दूसरी बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण, जानिए तारीख और समयUP Election 2022: सपा ने 39 प्रत्याशियों की जारी की सूची, 2002 के बाद पहली बार राजा भैया के खिलाफ उतारा प्रत्याशीpetrol diesel price today: पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहींUP Election 2022: कल्याण सिंह के निधन के बाद अतरौली देखेगा पहला चुनाव, संदीप सिंह के सामने है पुश्तैनी सीट बचाने की चुनौती
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.