प्रदेश के इस नगर निगम को अब हाईकोर्ट में बताना पड़ेगा वर्षा जल सहेजने क्या कदम उठाए

प्रदेश के इस नगर निगम को अब हाईकोर्ट में बताना पड़ेगा वर्षा जल सहेजने क्या कदम उठाए
water-harvesting-system

Reetesh Pyasi | Updated: 06 Oct 2019, 06:40:18 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

दो सप्ताह का दिया समय, 14 अक्टूबर को होगी सुनवाई

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने जबलपुर नगर निगम से यह बताने को कहा कि वर्षाजल के संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली का उपयोग नियमानुसार प्रत्येक घर में किया जा रहा है या नहीं? हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को भी प्रदेश भर में वाटर हार्वेस्टिंग की अद्यतन स्थिति का ब्योरा पेश करने को कहा। इसके लिए दो सप्ताह का समय देकर अगली सुनवाई 14 अक्टूबर नियत की गई।

यह है मामला
हाईकोर्ट ने नगर निगम द्वारा बनाई जा रही सीवर लाइन का काम अधूरा पड़ा होने के चलते शहर में जलभराव के मसले पर स्वत: संज्ञान लेकर 20 सितंबर 2017 को यह जनहित याचिका दायर की थी। कहा गया कि 2007 से आरंभ हुआ सीवर लाइन का काम कहीं भी पूरा नहीं हुआ है। इससे शहर की जलनिकासी व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुकी है। जरा सी बरसात में ही शहर की सड़कें चलने योग्य नहीं रह जातीं। कोर्ट ने नगर निगम से कहा था कि सीवर के काम के संबंध में विस्तार से बताया जाए।

हर घर में वाटर हार्वेस्टिंग, अनिवार्य है या नहीं
10 जुलाई 2018 को कोर्ट ने नगर निगम से पूछा था कि शहर में वर्षाजल के संरक्षण की क्या व्यवस्था है?
वर्षाजल संरक्षित कर इसका पुनरुपयोग पेयजल व सिंचाई के लिए करने के मकसद से नियमानुसार प्रत्येक घर में अनिवार्य वाटर हार्वेस्टिंग सिसटम लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए?
इसके बिना नक्शा स्वीकृत न किए जाने के नियम का कहां तक पालन हो रहा है?
इन सब बिंदुओं पर रिपोर्ट पेश करने के लिए 25 सितंबर 2018 व 8 जनवरी , 21 जून व 24 जुलाई 2019 के बाद एक बार फिर नगर निगम की ओर से जवाब के लिए समय मांगा गया। प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में वाटर हार्वेस्टिंग की अद्यतन जानकारी देने के लिए राज्य सरकार ने भी मोहलत मांगी। मंजूर कर कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दे दिया। कोर्ट मित्र के रूप में अधिवक्ता अनूप नायर, नगर निगम की ओर से अंशुमन सिंह व राज्य सरकार की ओर से उपमहाधिवक्ता प्रवीण दुबे ने पक्ष रखा।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned