समस्या: नर्मदा के बांधों में पानी हुआ कम तो घटा बिजली का उत्पादन

जल विद्युत- 400 मेगावाट हो रहा हाइडल बिजली का उत्पादन, बरगी सहित अन्य बांधों में ऐसी स्थिति

By: Lalit kostha

Published: 22 Jul 2021, 11:26 AM IST

जबलपुर। मौसम की बेरुखी का असर बांधों से बननी वाली बिजली पर भी पड़ा है। विद्युत उत्पादन की कई यूनिट शुरू नहीं हो पा रही हैं। बरगी बांध से लेकर इंदिरा गांधी बांध, ओंकारेश्वर बांध में बनने वाली हाइडल बिजली की ऐसी ही स्थिति है। जानकारों के अनुसार इन बांधों में जलस्तर करीब 2 से 3 मीटर कम है। जिसके कारण बिजली यूनिट पूरी क्षमता के साथ नहीं चल पा रही हैं। नर्मदा पर बने बांधों से करीब 400 मेगावाट बिजली ही बन पा रही है। हालांकि कम्पनी अधिकारियों का कहना है कि बिजली की कोई कमी नहीं है।

125 मेगावॉट बिजली
इंदिरा सागर बांध में 1000 मेगावाट क्षमता की यूनिट स्थापित हैं। पानी का लेवल कम होने से यहां केवल 125 मेगॉवाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यहां 125 मेगावाट की आठ यूनिटों में एक यूनिट अंडर मैंटेनेंस में है। जबकि एक को ही चलाया जा रहा है।

बरगी में एक यूनिट चालू
बरगी बांध में जल बिजली की 90 मेगावाट की 2 यूनिट हैं। वर्तमान में केवल एक यूनिट से ही बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। करीब 45 मेगावॉट बिजली तैयार की जा रही है। जलस्तर करीब 2 मीटर कम होने से यूनिट पूरी क्षमता के साथ नहीं चल पा रही है। कई बार 45 की जगह 38-40 मेगावाट बिजली ही बन पा रही है। कुछ बिजली एनवीडीए भी बना रहा है। वर्तमान में बरगी का जलस्तर 413.53 है।

केवल दो यूनिटों से उत्पादन
ओंकारेश्वर बांध की तीन बिजली यूनिट बंद हैं। केवल एक यूनिट से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। बांध से बनने वाली 520 मेगावाट बिजली में से केवल 125 मेगावॉट बिजली ही फिलहाल बन रही है। बांध में 65-65 मेगावॉट की आठ यूनिट हैं। एक यूनिट यहां भी लम्बे समय से बंद है। जबकि दो यूनिटों से हाइडल बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।

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Lalit kostha Desk
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