करोड़ों की पाइप लाइन फिर से बर्स्ट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग

रमनगरा प्लांट की मेन राइजिंग पाइप लाइन टेस्टिंग के दौरान फिर फूटी

By: Premshankar Tiwari

Updated: 31 May 2018, 02:46 PM IST

जबलपुर। पिछले चार दिन से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे शहर वासियों को जल्द राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। बताया गया है कि रमनगरा प्लांट की राइजिंग पाइप लाइन अब दूसरी जगह से फूट गई। 82 घंटे की जद्दोजहद के बाद इस पाइपलाइन को बुधवार शाम ही जोडा़ जा सका था। उम्मीद की जा रही थी कि गुरुवार को लोगों को नर्मदा का पानी नसीब हो जाएगा लेकिन हकीकत कुछ और सामने आई। बताया गया है कि इस लाइन में अब दूसरी जगह से सुराग हो गया है। इसलिए गुरुवार को हुई टेस्टिंग फेल हो गर्ई। जल्द पानी मिल पाने के आसार नहीं हैं।

चार दिन से बंद है सड़क
बाजनामठ के पास मेन रोड पर टूटी मेन राइजिंग लाइन को सुधारने के लिए चार दिन से एक ओर का मुख्य मार्ग बंद है। इससे दिन में कई बार जाम लग रहा है। रेगिस्तान में डाली जाने वाली ग्लास रेमकोर्ट पाइप (जीआरपी) की मेन राइजिंग लाइन शहर में डलवाने वाले निगम के इंजीनियर्स के हुनर की पोल हर थोड़े दिन के अंतराल में खुल रही है। तीन दर्जन से ज्यादा बार रमनगरा से आपूर्ति ठप हो चुकी है। नगर निगम के इंजीनियर्स रेगिस्तान की पाइपलाइन की मरम्मत में वहां की तकनीक का उपयोग करने के बजाय देशी अंदाज में कराते हैं। टूटे हिस्से पर ग्लास फाइवर सीट व कैमिकल चिपकाने के बाद सीमेंट कांक्रीट से पैक किया जाता है।
निगम प्रशासन ने मंगलवार शाम और बुधवार सुबह ललपुर प्लांट से रमनगरा की पांच टंकियों को जोड़कर जलापूर्ति की। लम्बे समय से बंद पाइप लाइन से जलापूर्ति करने से मेडिकल, गुलौआ, उखरी, रामेश्वरम व मदर टेरेसा क्षेत्र की टंकी से जुड़े लोगों के घरों में मटमैला पानी पहुंचा। ललपुर प्लांट की गुप्तेश्वर, भंवरताल आदि टंकियों से जुड़े वार्डों में पानी नहीं पहुंचा


धूमिल होती है निगम की छवि
बैठक में निगमायुक्त ने कहा, पानी के लिए आने वाली मांगों का त्वरित निराकरण किया जाए। टैंकरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। शिकायतों के निराकरण में अधिकारियों की लापरवाही से निगम की छवि धूमिल होती है। शिकायतों का निराकरण न होने पर लोग जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं। इससे निगम के प्रति सकारात्मक संदेश नहीं जाता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस रवैये में अविलम्ब सुधार लाया जाए।


टैंकरों की होगी निगरानी
शहर में टैंकरों से की जाने वाली जलापूर्ति में मनमानी की शिकायतें निगमायुक्त तक भी पहुंची हैं। जल विभाग की बैठक में उन्होंने टैंकरों की व्यवस्था पर अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर नजर रखने के निर्देश दिए। बैठक में अपर आयुक्त गजेंद्र सिंह नागेश, कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, पुरुषोत्तम तिवारी, सहायक यंत्री अनिल सिंगारे सहित सभी सम्भागों के उपयंत्री मौजूद थे। निगमायुक्त ने पाइपलाइन का सुधार होने तक टैंकरों से जलापूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने टैंकर शाखा में एक पंजी रजिस्टर भी संधारित कराया है। इसमें पानी से सम्बंधित शिकायतें दर्ज कर त्वरित निराकरण कराया जाएगा। पानी से सम्बंधित शिकायत होने पर आम नागरिक मोबाइल नम्बर 96850-43544 पर टैंकर की मांग कर सकते हैं।

शहर में हाहाकार
चार दिन से आधे शहर में पानी का हाहाकार मचा है। लोग जगह-जगह नाराजगी दिखा रहे हैं। पार्षदों ने प्रदर्शन कर टैंकरों से जलापूर्ति में भेदभाव का आरोप लगाया। पानी को लेकर बढ़ते आक्रोश और रमनगरा की टूटी पाइप लाइन को जोडऩे में फिसड्डी साबित होने से बुधवार को निगम प्रशासन हरकत में आया। निगमायुक्त चंद्रमौलि शुक्ला ने सुधार कार्य का निरीक्षण किया। इसके बाद निगम में जल विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के साथ अन्य निर्देश भी दिए।


जलापूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी
पाइप लाइन का सुधार कार्य बुधवार शाम को पूरा हो गया। सीमेंट कांक्रीट की फिलिंग सूखने के बाद गुरुवार सुबह टेस्टिंग होगी। शाम से जलापूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी।
कमलेश श्रीवास्तव,
कार्यपालन यंत्री, जल

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Premshankar Tiwari Desk
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