फसलों के लिए पानी छोड़ा तो हो जाएगा पेयजल संकट, देखें किस तरह सूख रहा बरगी डेम

बरगी डेम 5 मीटर से ज्यादा खाली

By: Premshankar Tiwari

Published: 22 Aug 2017, 02:07 PM IST

जबलपुर। बारिश की बेरुखी ने जल संकट खड़ा कर दिया है। बरसात का सीजन आधे से ज्यादा बीत चुका है लेकिन बरगी डैम अभी भी 5 मीटर से ज्यादा खाली है। धान की फसल को सूखने से बचाने के लिए डैम से नहरों में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इस सबके बीच साल के बाकी महीनों में पेयजल आपूर्ति के लिए भी डैम में पानी रिजर्व रखना जरूरी है। एनवीडीए के अधिकारियों ने सोमवार को समय सीमा बैठक में ये चिंता जताई कि आने वाले दिनों में नहरों में पानी छोडऩा बंद करना होगा। बड़ी समस्या ये है कि नहर में पानी छोडऩा बंद किया तो शहपुरा, पाटन, सिहोरा, मझौली में फसलें खराब हो जाएंगी। नहरों में पानी छोडऩा लगातार जारी रखा गया तो जबलपुर समेत आसपास के कई जिलों में पीने के पानी का संकट हो सकता है।
विजन डॉक्यूमेंट के लिए मांगा प्लान
कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिखाई गई राह पर आगे बढऩे सभी विभाग 2022 तक का विजन डॉक्यूमेंट प्रस्तुत करें। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि लापरवाह कर्मचारी, भ्रष्टाचार के आरोप में लिप्त आरआई, पटवारी समेत अन्य विभागों के कर्मचारी भी चिन्हित किए जाएं। लंबे समय से शासकीय स्कूलों से गायब शिक्षकों को भी चिन्हित कर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए। कलेक्टर ने राजस्व विभाग के कामकाज में सुधार लाने, सभी राजस्व न्यायालयों को अपग्रेड किए जाने की बात कही। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए।
फसल सूखने की कगार पर

कुं डम, चरगवां जैसे पथरीले इलाकों में कई खेतों की फसल खत्म होने की कगार पर है। अल्पवृष्टि ने किसानों से लेकर प्रशासनिक महकमे की चिंता बढ़ा दी है। बैठक में कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी ने अल्पवृष्टि के कारण निर्मित हालात से निपटने के लिए कृषि, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग को सूखा राहत प्लान तैयार करने निर्देशित किया।

Premshankar Tiwari Desk
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