शराब दुकानों का समय किया कम तो ठेके की राशि क्यों नहीं घटा रहे

मप्र हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पूछा

By: prashant gadgil

Published: 05 May 2020, 06:40 PM IST

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि जब शराब दुकानों के खुलने का निर्धारित समय कम कर दिया गया है तो इनके ठेकों की रकम क्यों नहीं घटाई जा रही है? चीफ जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने मंगलवार को सरकार को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में जवाब मांगा है। मां वैष्णोदेवी इंटरप्राइजेज जबलपुर के आशीष शिवहरे सहित छिंदवाड़ा, लखनादौन, सिवनी, भोपाल, टीकमगढ़ व अन्य जिलों के 30 शराब ठेकेदारों ने याचिका दायर की। अधिवक्ता राहुल दिवाकर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट को तर्क दिया कि जब याचिकाकर्ताओं ने सम्बंधित शराब दुकानों के ठेके लिए तो निविदा की शर्तें कुछ और थीं। इनके तहत शराब दुकानों को दिन में 14 घण्टे खोले जाने की अनुमति थी। दुकान के साथ में शराब पीने के लिए अहाता संचालन की भी अनुमति थी। लेकिन 23 मार्च के बाद से परिस्थितियां बदल गईं। लॉकडाउन के चलते 40 दिन दुकानें बंद रहीं। अब इन्हें खोलने की अनुमति भी दी गई है, तो कठोर शर्तों के साथ। इनके तहत जबलपुर, भोपाल आदि शहरी इलाकों में अभी भी दुकानें खोलने की अनुमति नहीं दी गई। जहां इजाजत दी गई है, वहां भी महज 4-5 घंटे शराब दुकानें खोली जा सकती हैं। अहाता के संचालन पर अभी भी प्रतिबंध लगा हुआ है। अधिवक्ता दिवाकर ने तर्क दिया कि इसके चलते याचिकाकर्ता ठेकेदारों को तगड़ा नुकसान हो रहा है। फिर भी राज्य सरकार ने ठेकों की निर्धारित राशि (बिड) कम करने के लिए कोई पहल नहीं की है। आग्रह किया गया कि ऐसे में याचिकाकर्ताओं के लिए पूर्व में तय की गई ठेकों की राशि (बिड) नुकसान के उचित अनुपात में कम की जाये। प्रारम्भिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। सरकार का पक्ष महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने रखा।

prashant gadgil Desk
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