नर्मदा नदी पार करने वाली इकलौती नहर आखिर क्यों होगी बंद...

नर्मदा नदी पार करने वाली इकलौती नहर आखिर क्यों होगी बंद...
Why the only Aqua Duct crossing the Narmada river will stop

Virendra Kumar Rajak | Publish: Mar, 29 2019 08:32:31 PM (IST) | Updated: Mar, 29 2019 08:32:32 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

प्रदेश की एकमात्र नहर, जो नर्मदा नदी को सैकड़ो फीट ऊपर से पार करती है


जबलपुर, प्रदेश की एकमात्र नहर, जो नर्मदा नदी को सैकड़ो फीट ऊपर से पार करती है...इससे पानी का संचार तो होता ही है, साथ ही रोजाना हजारों वाहन भी इसके ऊपर से निकलते हैं। कई जिलों तक पानी पहुंचा वहां के वाशिंदो की प्यास बुझाने वाली इस नहर को बंद करने की तैयारी की जा रही है। तिलवारा में बनी इस नहर को आखिर क्यों किया जा रहा है बंद और क्या है इसके पीछे का कारण, जानने के लिए पढ़ें यह खबर...

तिलवारा स्थित एक्वाडक्ट में एनएचएआई ने रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया है। लेकिन इसके पूर्व डक्ट (नहर) का निरीक्षण किया जाएगा। नर्मदा विकास प्राधिकरण को एनएचएआई ने इसके लिए सूचित भी कर दिया है। जानकारी के अनुसार समय मिलते ही इस डक्ट का पानी बंद किया जाएगा, जिसके बाद इसका निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डक्ट के लीकेज पता करने का प्रयास होगा, जिससे उन्हें बंद किया जा सके। डक्ट के निरीक्षण के बाद सड़क रिपेयर की जाएगी। इसमें लगभग एक माह का समय लगेगा।

प्रदेश के सबसे पहले एक्वाडक्ट ब्रिज का सुधार कार्य शुरू हो गया है। तिलवारा में बने नए ब्रिज के बाद इस एक्वाडक्ट ब्रिज की रिपेयरिंग की जा रही है। २५ से भी अधिक साल पुराने इस ब्रिज ने अरबों वाहनों को एक ओर से दूसरी ओर पहुंचाया, कुछ समय पूर्व यहां रिपेयरिंग वर्क किया गया था, लेकिन वह खराब हो गया। जिसके बाद एनएचएआई द्वारा एनएच ७ फोर लेन योजना के तहत इसका सुधार कार्य कराया जा रहा है।


ज्वाइंट्स से बना एक्वाडक्ट, 16 पिलर हैं पुल पर

दो वर्ष में इसका निर्माण हो पाया। अत्याधुनिक तकनीकी से बनाया गया यह ब्रिज दो कार्य करता है। एक तो इस पर से ट्रैफिक गुजरता है, वहीं नहर भी इसी के साथ है। यह ब्रिज नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आता है। इस ब्रिज में 16 ज्वाइंट्स हैं। जिनमें कॉपर की प्लेट लगी है। खराब होने पर ये प्लेट बदली भी जा सकती हैं। इन प्लेट्स को विशेष तकनीक से बनाया गया है। यह ब्रिज अन्य ब्रिजों के मुकाबले ट्रैफिक का अधिक दबाव सह सकता है। यह एक्वाडक्ट 16 पिलरों पर खड़ा हुआ है। इन्हें स्प्रिंग तकनीक से डिजाइन किया गया है, ताकि अत्याधिक भार वाले वाहन भी पुल से निकल सकें। यही कारण है कि वाहन निकलने के कारण ब्रिज पर कंपन होता है।

लंबाई:- लगभग ९०० मीटर

निर्माण कराया था:- नर्मदा विकास प्राधिकरण
कब हुआ था निर्माण:- १९९६ तंे
रोजाना निकलने वाले दुपहिया:- ४००००
रोजाना निकलने वाले चार पहिया:- ३५०००
रोजाना निकलने वाले यात्री वाहन:- ७००
रोजाना निकलने वाले भारी वाहन:- ९००००

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