वाइल्ड लाइफ डे आज: नर्मदा में है सूक्ष्म जीवों की दुनिया

डॉक्यूमेंट्रीज से लेकर फोटोग्राफी के लिए सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं जंगलों की सैर

 

By: reetesh pyasi

Published: 03 Mar 2019, 08:00 AM IST

जबलपुर। वाइल्ड लाइफ से जुडऩा खासकर उन युवाओं को पसंद आ रहा है, जो लाइफ में दूसरों की अपेक्षा कुछ अलग करना चाहते हैं। इनके लिए जीवन का मकसद रोमांचकारी सफर को तय करना होता है। वाइल्ड लाइफ उन्हें सिर्फ इसलिए अट्रैक्ट नहीं करता कि यह पैशेनिस्ट वर्क है, बल्कि इसका एक कारण यह भी है कि उन्हें जानवरों से बेइंतहा प्यार है। इसके चलते वे कभी शेरों की एक हरकत को कैद करने के लिए घंटों इंतजार करते हैं, तो कभी पक्षियों की प्रजाति की गणना करने के लिए दिनभर भी निकाल देते हैं। इस वल्र्ड वाइल्ड लाइफ डे पर आइए जानते हैं शहर से जुड़े कुछ रोचक तथ्य। इस बार वाइल्ड लाइफ की थीम ‘लाइफ बिलो वाटर’ है। ऐसे में बात की जाए शहर की तो नर्मदा नदी ही है, जिसके आंचल में कई तरह के ऐसे जीव हैं, जो नदी में फैले प्रदूषण को
भी साफ करने का काम कर रहे हैं।

सूक्ष्म जीवों से बरकरार थी पानी की गुणवत्ता
शहर के शोधार्थी अर्जुन शुक्ला ने नर्मदा नदी पर की गई रिसर्च में भी कई रोचक तथ्यों को पाया है। उन्होंने बताया कि शोध में उन्हें जबलपुर में ऐसे सूक्ष्म जीव, मछलियों की ऐसी प्रजातियों के बारे में जानकारी मिली जो कि अब विलुप्ति की कगार पर हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी पाया कि विश्व में जो 9 प्रजातियां खत्म हो चुकी हैं, वह नर्मदा के पानी में पनप रहीं हैं और पानी की शुद्धता को बनाए रखने का काम कर रही है। अर्जुन ने बताया कि इनमें एनालिडा, अर्थोपोडा, पेरेसिसया, कॉरूलिया, पिला ग्लोबासा, लाइमनेया ल्यूटोला, त्रितेमिस फेस्टिवा ऐसी प्रजातियां हैं जो कि शहर के बरगी डैम, ग्वारीघाट, भेड़ाघाट में 2015 से 2018 के शोध काल में मिली हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी पाया कि नर्मदा के मीठे पानी होने के कारण कई ऐसे जीव भी इसमें पनप रहे हैं, जो पानी में फैले प्रदूषण को भी साफ कर रहे हैं। इनमें बेंथोस की संख्या सबसे ज्यादा है।

फोटोग्राफी के लिए स्पेशल टूर
शहर में कई ग्रुप्स ऐसे हैं, जो कि वाइल्ड लाइफ को करीब से महसूस करने के लिए कई तरह के ट्रिप प्लान करते हैं। इसके लिए लोगों की पसंद में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना आदि पहली पसंद में शामिल होते हैं। इसके साथ ही कई तरह की डॉक्यूमेंट्रीज के लिए भी सिटी यंगस्टर्स भी फॉरेस्ट का रुख कर रहे हैं।

नेचर के लिए कर रहे काम
शहर में पिछले कुछ समय से सिटीजन फॉर नेचर सोसायटी काफी एक्टिव है, जो कि वन विभाग के साथ मिलकर प्रकृति के लिए कई तरह के नए कार्यों को कर रही है। ग्रुप के डॉ. विजय सिंह यादव ने बताया कि ग्रुप के जरिए कभी पक्षियों की नई प्रजातियों को खोजने और सहेजने के प्रयास कर रहे हैं तो कुछ मगरमच्छों को बचाने के लिए
घोसले बनाने की तैयारी में हैं।

reetesh pyasi Desk
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