ये महिलाएं नहीं है किसी से कम, चढ़ गई बिजली के खंभों पर, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

ये महिलाएं नहीं है किसी से कम, चढ़ गई बिजली के खंभों पर, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

deepankar roy | Publish: Dec, 07 2017 12:57:30 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

जिले में 12, रीजन में 50 महिलाएं फॉल्ट सुधारने और ट्रांसफार्मर बदलने के लिए तैनाती

जबलपुर। शक्ति की प्रतीक नारी साहसिक कार्यों के बाद अब जोखिमभरे कार्यों से भी दो-दो हाथ कर रही हैं। ऊंचे पोल पर चढ़कर बिजली के उलझे तारों को सुलझाती या फिर फॉल्ट को सुधारती दिखे तो चौंकिए नहीं। बिजली की शक्ति रखने वाली महिलाओं को पहली बार पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने लाइन स्टाफ के तौर पर संविदा में तैनाती दी है। जबलपुर रीजन में तकरीबन 50 महिला लाइन स्टाफ की संविदा भर्ती की गई है। जबलपुर सिटी सर्किल के पूर्व सम्भाग में रीता चौधरी, प्रियंका कवड़े, रजनी उइके, सेमवती उइके और उत्तर सम्भाग में दीपमाला झारिया, समता मुडि़या, कविता पटेल अब बिजली के जोखिमभरे कामों को भी पूरी कुशलता से निपटाने में माहिर हो चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्र में पाटन-१ डीसी में लीला काछी सहित चार अन्य महिलाओं की तैनाती की गई है।

चालू लाइन में भी करना होता है काम

लाइन स्टाफ का काम सबसे जोखिमभरा होता है। उसे चालू लाइन में पोल पर चढ़कर फॉल्ट सहित अन्य सुधार कार्य करने पड़ते हैं। सीढ़ी पर चढ़कर झूला लगाकर सुधार काम करना होता है। सुरक्षा के लिए हाथों में ग्लव्स और सिर पर हेलमेट तो होते हैं, लेकिन थोड़ी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। जबलपुर रीजन के चीफ इंजीनियर एके पांडे बताते हैं, महिला लाइन स्टाफ काम में तुलनात्मक रूप से अधिक निपुणता दिख रही हैं। ये सुरक्षा उपकरणों का भी प्रयोग कर रही हैं।

ये कर रहीं
लाइन मेंटेनेंस, अचानक किसी फाल्ट (ब्रेक डाउन) पर मरम्मत, लाइन टूटने, इंसुलेटर बदलने, तार टूटने और
***** बदलने के लिए लाइन बंद कर शट-डाउन लेना, खराब ट्रांसफार्मर बदलना, मेंटेनेंस करना, ऑयल चेंज करना और एलटी व एचटी का डीओ फ्यूज चेंज करना, नया केबल खींचना, पोल लगाना, गड्ढे खोदना, पोल में अर्थिंग लगाना, पोल बॉक्स लगाना।

कहां कितनी संख्या
सिटी सर्किल - 07
ग्रामीण सर्किल - 05
सिवनी सर्किल - 11
कटनी सर्किल - 02
नरसिंहपुर - 04
छिंदवाड़ा - 15
मंडला - 06

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