#birds death सैकड़ों परिंदों पर बेरहम कहर देख फूट-फूटकर रोई छात्राएं@जबलपुर- see video

#birds death सैकड़ों परिंदों पर बेरहम कहर देख फूट-फूटकर रोई छात्राएं@जबलपुर

By: Lalit kostha

Updated: 24 Oct 2019, 12:32 PM IST

Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

जबलपुर. बीएसएनएल कार्यालय परिसर में लगे पेड़ों की कटाई और छंटाई के कारण कई पक्षी और उनके बच्चों के मरने की घटना के तीन बाद बुधवार को वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए। फरार ठेकेदार बबलू खान के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। मामले में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं का उलंघन पाया गया है। उधर पक्षी प्रेमी भी बुधवार को बीएसएनएल कैम्पस पहुंचे। उन्होंने 100 से अधिक पक्षियों और उनके बच्चों का रेस्क्यू कर वन विभाग के दावों की पोल खोल दी। ‘पत्रिका’ इस संबंध में लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है।

पक्षी प्रेमी भी आए सामने : 100 से ज्यादा पक्षियों और उनके बच्चों का किया रेस्क्यू

संस्कारधानी के विभिन्न संगठनों के युवा बुधवार सुबह 10 बजे बीएसएनल कार्यालय पहुंचे तो मृत पक्षियों की दुर्गंध से वहां ठहर पाना मुश्किल हो रहा था। युवाओं ने कराह रहे पक्षियों को अपना निवाला बना रहे कुत्तों को खदेड़ा। ढाई घंटे में 100 से अधिक पक्षियों का रेस्क्यू किया। उन्हें मछलियां खिलाई और पानी पिलाया और कागज के गत्तों में सुरक्षित कर कार से डुमना नेचर रिजर्व की ओर रवाना हो गए। वेटरनरी कॉलेज के डॉक्टरों ने पक्षियों का इलाज किया। इस दौरान वॉलेंटियर्स ने मृत पक्षियों को मौके से हटाया।

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रो पड़ी छात्राएं
पक्षियों का रेस्क्यू करने पहुंची नर्सिंग छात्राओं ने बताया कि किसी पक्षी के पंख टूटे थे तो किसी के पैर। निरीह बच्चों की आंखें मां को तलाश रही थीं। सभी भूख-प्यास से तड़प रहे थे। पक्षी को पानी पिलाते हुए नर्सिंग छात्रा मून थापा रो पड़ी तो मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। उसने बताया कि डालियों के नीचे दबे पक्षियों को बचाने के कोई प्रयास नहीं किए गए थे। रुद्राक्ष पाठक, संदेश तिवारी, एड. तुसी साहा, शीतल बरुआ, अपर्णा तिवारी, आकाश बर्मन, अंजली चौधरी, आदित्य मिश्रा और धनंजय घोष रेस्क्यू में शामिल थे। वेटरनरी डॉ. माधवी धैरेकर और शिशिर दुबे ने घायल पक्षियों का इलाज किया।

स्थल का निरीक्षण किए बिना दी छंटाई की अनुमति-
बीएसएनएल कार्यालय परिसर के पेड़ों की डालियों से जलीय प्रजाति के ईग्रेट, पांड हेरोन एवं कोर्मोरेंट प्रजाति के पक्षियों का रेस्क्यू किया गया है। दफ्तर के अधिकारियों के आवेदन पर नगर निगम के उद्यान विभाग ने नेस्टिंग और ब्रीडिंग सीजन में 15 अक्टूबर को पेड़ों की छंटाई के निर्देश दिए थे। जबकि, स्थल के निरीक्षण के बाद निर्देश दिए जाने थे।

पक्षियों और चूजों को वहां इसलिए छोड़ा गया था, जिससे मां और बच्चे अपने प्राकृतिक रहवास में चले जाएं। वन कर्मचारियों को इस मामले में संवेदनापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम के उद्यान विभाग को नोटिस भेजा गया है। फरार ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज की गई है।
- रवींद्र मणि त्रिपाठी, डीएफओ जबलपुर

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