scriptyouth Dead body found in Narmada river who missing for three days | तीन दिन से लापता युवक का शव नदी में मिला, परिजनों का हंगामा | Patrika News

तीन दिन से लापता युवक का शव नदी में मिला, परिजनों का हंगामा

-21 अक्टूबर को लार्डगंज थाने में दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

जबलपुर

Published: October 23, 2021 02:48:47 pm

जबलपुर. तीन दिन से लापता युवक का शव उतराता मिला नर्मदा नदी में। गत 21 अक्टूबर को परिजनों ने लार्डगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

मनीष का शव मिलने के बाद उत्तेजित परिवारजनघटना के संबंध में बताया जा रहा है कि अधारताल कटरा क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय मनीष सेन कई साल से नेशनल हॉस्पिटल में बतौर सुपरवाइजर कार्यरत रहा। अक्सर वो नाइट ड्यूटी ही करता रहा। गत 20 अक्टूबर को वह घर से नाइट ड्यूटी को अस्पताल के लिए निकला। अगले दिन यानी 21 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे अस्पताल प्रशासन ने मनीष के पिता विनोद सेन को सूचना दी कि उनका बेटा 20 अक्टूबर की देर रात एक बजे से गायब है। यह सुन कर विनोद बदहवास हो गए। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि मनीष का मोबाइल, पर्स और बाइक तो है पर वो गुम है। मोबाइल सेट से सिम नदारद मिली। इस पर पिता विनोद लार्डगंज थाने पहुंचे और बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
मनीष (फाइल फोटो)
मनीष (फाइल फोटो)
इस मामले में मनीष के चचेरे भाई संतोष श्रीवास का कहना है कि अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में मनीष 20 अक्टूबर की रात दो से तीन बार निकलते हुए दिखा था। इसके बाद की रिकॉर्डिंग गायब है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया था कि बिजली गुल होने के कारण रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई। इस पर परिजनों ने आरोप लगाए कि जब वह रात एक बजे हॉस्पिटल से निकल गया तो सूचना अगले दिन सुबह 11 बजे क्यों दी गई? इस बीच परिजन मनीष की तलाश में परेशान रहे। परिजनों का आरोप है कि लार्डगंज पुलिस ने उन्होंने अस्पताल के कुछ कर्मचारियों पर संदेह जताया था पर पुलिस ने उनसे किसी तरह की पूछताछ तक नहीं की।
चचेरे भाई संतोष का कहना है कि 22 अक्टूबर की शाम को उसकी लाश सिवनी टोला के पास रामरमाघाट में उतराती हुई मिली। थाने से मिली सूचना पर वे मौके पर पहुंचे और मनीष के कपड़ों से उसकी पहचान की। परिवार वालों का कहना है कि मनीष कुछ दिनों से परेशान था, उसे अस्पताल में प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके चलते वह नौकरी छोड़ने की बात कर रहा था।
मनीष का शव मिलने के बाद उत्तेजित परिवारजनइस बीच तिलवारा पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का शनिवार 23 अक्टूबर को पीएम कराया। फिर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मनीष के चेहरे पर कट के निशान मिले हैं। पुलिस के मुताबिक पीएम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि ये चोट कैसे आई है। दोपहर 12.30 बजे परिजन शव लेकर नेशनल हॉस्पिटल पहुंचे।
अब शव मिलने के बाद मनीष के परिजनों का सवाल है कि आधी रात के बाद वह 25 किलोमीटर दूर कैसे पहुंच गया। उसके मोबाइल का सिम कहां गया। ऐसे ही अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे से आधी अधूरी रिकार्डिंग पर भी सवाल उठाए हैं। इन सवालों के साथ परिवारजनों ने शव के साथ हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। सूचना पाकर लार्डगंज पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब परिजन शव लेकर वहां से हटे। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

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