इस बीमारी को मिटाने किया जाएगा नया प्रयोग, जानिए कैसे लोहे की कढ़ाई के प्रयोग से होगा संभव

इस बीमारी को मिटाने किया जाएगा नया प्रयोग, जानिए कैसे लोहे की कढ़ाई के प्रयोग से होगा संभव
इस बीमारी को मिटाने किया जाएगा नया प्रयोग, जानिए कैसे लोहे की कढ़ाई के प्रयोग से होगा संभव

Badal Dewangan | Updated: 13 Sep 2019, 04:45:32 PM (IST) Jagdalpur, Jagdalpur, Chhattisgarh, India

बस्तर में कुपोषण (malnutrition) को जड़ से दूर करने नई पहल,लोहे की कढ़ाई से दूर करेंगे ये बीमारी

जगदलपुर. फूलपदर गांव की 36 महिलाओं ने लोहे की कढ़ाई लेकर यह शपथ ली कि वो अबसे सब्जी लोहे की कढ़ाई में ही बनाएंगी। अब दूसरी महिला समूह भी इस पहल से जुड़ गए हैंै। दरअसल बस्तर में कुपोषण दूर करने की पब्लिक हेल्थ रिसोर्स नेटवर्क, प्रदान संस्था ने अभिनव पहल करते हुए लोहे की कढ़ाई महिलाओं को वितरित किया है। ताकि इस कढ़ाई में बने आहार से कुपोषण व एनीमिया रोग को दूर किया जा सके। पिछले तीन वर्षों से पब्लिक हेल्थ रिसोर्स नेटवर्क, प्रदान संस्था स्वास्थ्य व पोषण के ऊपर बस्तर संभाग में कुल 14 गांव में काम किया जा रहा है। विशेष तौर पर कुपोषण दूर करने महिला समूह को चुना गया है।

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स्वास्थय और पोषण सम्बंधित विषयो पर चर्चा
समूह से जुड़ी हुई हो और वह स्वेच्छा से इन विषयो पर लोगो को जागरूक कर रही हैद्य उसे स्वास्थ्य और पोषण के विभिन्न मुद्दों पर पब्लिक हेल्थ रेसर्स नेटवर्क की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। गांव में इन्हे बदलाव दीदी या सीवी दीदी चेंज वेक्टर के नाम से जाना जाता है। बदलाव दीदी अलग-अलग पारा में समूह के दूसरी महिलाओं के साथ मिलकर हर सप्ताह स्वास्थ्य और पोषण संबंधित विषयों पर चर्चा करती है। यह पहल 184 महिला समूहों में शुरू की गई थी। अब 158 समूहों में नियमित रूप से स्वास्थय और पोषण सम्बंधित विषयो पर चर्चा हो रही है। इस पहल में करीबन 72 सीवी दीदी और 4 मेंटर जुड़े हुए हैं।

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बस्तर में कुपोषण कि स्तिथि काफी गंभीर है। एनएफ एचइस के तहत 60 फीसरी बच्चे एवं 68 फीसदी महिलाएं एनेमिक है। एनीमिया से लडऩे के लिए स्वास्थय और पोषण बैठक में महिलाओं ने कई बार चर्चा की। जहां उन्हें संतुलित, गुणवत्तापूर्ण आहार सेवन के लिए प्रोत्साहित गया है। महिलाओं को ‘तिरंगा’ भोजन विटामिन सी के स्रोतों का सेवन और अन्य कई उपाय बताये गए हैं। इसमें से लोहे की कड़ाई में खाना बनाने की सलाह भी दी गई है। सीवी दीदी और मेंटर्स ने साथ में इस बात को महिला समूहों के समक्ष रखा और कई महिलाओं ने खुद से पैसा इकटï्ठा करके, लोहे की कड़ाई खरीदने का निर्णय लिया।

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समूह से जुडी महिला सुलक्षणा बताती है। हमारे बड़े.-बुढ़े कह गए थे कि सब्जी बनने के बाद लोहे का चम्मच उसमे रख दो पर उससे क्या लाभ होता है। हमें पता ही नहीं था। हमें स्वास्थय बैठक में सीवी दीदी ने बताया कि लोहे की कढ़ाई में भाजी या सब्जी बनाने से आयरन की कुछ मात्रा भोजन में मिल जाती है।

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