पूरे बस्तर संभाग में शनिवार को हुए सारे नक्सली वारदातों की खबर सिर्फ एक क्लिक पर

पूरे बस्तर संभाग में शनिवार को हुए सारे नक्सली वारदातों की खबर सिर्फ एक क्लिक पर

Badal Dewangan | Updated: 01 Apr 2018, 02:15:28 PM (IST) Jagdalpur, Chhattisgarh, India

नक्सली समर्पण, नक्सली वारदात, इनामी नक्सली तो कहीं नक्सली सामान हुए बरामद, बिते दिन हुए दिन भर नक्सली घटनाओं का विवरण

दंतेवाड़ा. माओवाद की उप राजधानी अरनपुर-जगरगुंडा इलाके में फोर्स जंगलों में दस्तक दे चुकी है। शुक्रवार को नहाड़ी ककाड़ी के जंगल में माओवादी नेता देवा और विनोद के कैंप को ध्वस्त कर दिया। इस कैंप में दोनों डीवीसी स्तर के लीडर मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कैंप से देवा के इलाज से जुड़ी कुछ पर्ची और दवाइयां बरामद की गई है। देवा के एक्स-रे और दर्द निवारक गोलियों को मौके से जब्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि पिछली मुठभेड़ के दौरान देवा को गोली लगी थी। उसी से जुड़े ये दवाइयां और एक्स-रे रिपोर्ट है।
पांच दिन पहले इसी इलाके में माओवादियों ने सीआरपीएफ के 231 बटालियन के 20 जवानों को एंबुश में फंसाने की कोशिश की थी। जहां एक के बाद एक 11 सीरियल ब्लास्ट किए थे। इस ब्लास्ट की जद में आकर इंस्पेक्टर रैंक का एक अधिकारी और एक जवान बूरी तरह से घायल हो गए थे। इसके बाद फोर्स ने चौतरफा जंगल को घेरा और सघन जांच शुरू कर दी है। पिछले एक हफ्ते से माओवाद की उप राजधानी कहे जाने वाले इस इलाके में फोर्स घुसी है। इसका परिणाम है कि भारी मात्रा में माओवादियों का जरूरत का सामान बरामद किया गया।

आंतरिक सुरक्षा सलाहकार भी शुक्रवार को थे इलाके में
शुक्रवार को जब डीआरजी और एसटीएफ के जवान माओवादियों को खदेड़ रहे थे। उस दौरान देश के आंतरिक सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार और सीआरपीएफ के आईजी इसी जंगल में स्थित सीआरपीएफ कैंप में जवानों का हौसला अफजाई कर रहे थे। जंगल को सर्च करने के लिए आधा दर्जन से अधिक टुकडिय़ों को भेजा गया था। यह टुकडिय़ां एसटीएफ और डीआरजी के जवानों की थी। नहाड़ी ककाड़ी में कैंप को ध्वस्त कर दिया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना थी कि यहां 40 लाख का इनामी माओवादी हिडमा भी मौजूद है। उसके साथ देवा और विनोद भी कैंप में हैं। सटीक सूचना थी कि इस कैंप में देवा का इलाज जारी है। हालांकि ये सभी बड़े नेता बच निकले लेकिन पुलिस की सूचना सही थी। इस कैंप में मिली दवाइयां और एक्स-रे रिपोर्ट देवा के नाम की पर्ची से यह साबित हो गया कि उसको गोली लगी है और वह घायल है।

जवानों पर हमला करने वाले तीन माओवादी गिरफ्तार
नारायणपुर. माओवादी सर्चिग पर अबूझमाड की ओर रवाना हुई सुरक्षा बलों की टीम को देखकर कुतुल के जंगल में छुपने की कोशिश में लगे तीन माओवादी सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। माओवादी प्रभावित क्षेत्र होने के कारण जिले में लगातार माओवादी उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसमें शुक्रवार को डीआरजी की टीम सर्चिग के लिए अबूझमाड कुतूल की ओर रवाना हुई थी। इसमें सर्चिंग के दौरान कुतुल के जंगल में कुछ संदिग्ध व्यक्तिजवानों को देखकर लुक-छिप रहे संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा।

पहले भी पार्टी पर हमला करना कबूला
पकड़े गए व्यक्तियों से पूछताछ करने पर अपना नाम सोनसाय गोटा पिता बुलू उम्र 40, केये गोटा पिता पुपला उम्र 35, बल्ली गोटा पिता मासा उम्र 23 सभी निवासी कस्तुरमेटा, तोके मिलिशिया सदस्य होना बताकर 20 सितम्बर कुतूल जंगल में पुलिस पार्टी पर हमला करने की घटना में शामिल होना स्वीकार किया है। इसमें बल्ली गोटा के निशानदेही पर पुलिस ने कुतूल जंगल में छिपाकर रखे 1 नग भरमार बरामद किया।

पामलवाया से 3 माओवादी गिरफ्तार
बीजापुर. पामलवाया में शनिवार को एरिया डोमिनेशन के लिए निकली टीम को तीन माओवादियों को पकडऩे में सफलता मिली है। मुखबिर से मिली सूचना पर सीआरपीएफ की टीम पोंजेर रवाना हुई थी। फोर्स को देखकर तीन ग्रामीण भागने लगे। जवानों ने घेराबंदी कर तीनों को धर दबोचा। दावा किया जा रहा है कि कोरसा मुन्ना,कुडिय़ाम चमरू और कुडियम पोरिया तीनों स्थाई वारंटी हैं व कई वारदातों में शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद इन्हें सीजीएम न्यायालय बीजापुर में पेश किया गया।

धारदार हथियार से ग्रामीण को उतारा मौत के घाट
नकुलनार. कुआकोंडा थाना क्षेत्र के माहराकरका में शनिवार शाम कुंजामी भीमा को मुखबिरी के आरोप में माओवादियों ने मौत के घाट उतार डाला। उस पर धारदार हथियारों से वार किया गया था। जहां भीमा की मौके पर ही मौत हो गई। भीमा के साथ गांव से एक अन्य व्यक्ति भी गया हुआ था। इस दौरान भीमा सल्फी पेड़ के नीचे खड़ा था। तभी चार लोग वहां पहुंचे और भीमा पर हमला कर दिया। माओवादियों ने मौके पर मृतक के मुखबिर होने से सबंधित पर्चे भी फेंके है। गांव के लोग कुआकोंडा थाना पहुंचे जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस साथी व्यक्तिसे पूछताछ करने की बात कह रही है। हालांकि अभी पुलिस गांव से शव लाने की जुगत में भिड़ी है। गांव में माओवाद का परचम होने से पुलिस आरओपी के साथ निकलने की तैयारी में थी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मृतक के गांव नहीं पहुंची थी।

माओवादी रडार पर था भीमा
गांव से जुड़े सूत्रों की मानें तो माओवादी रडार पर वह काफी दिनों से था। उसे माओवादियों ने पीटा भी था। बतया जा रहा है कि भीमा ने किसी से मतलब रखना ही छोड़ दिया था। इसके बाद भी माओवादियों ने उसे मार डाला।

इरपानार मुठभेड़ में शामिल माओवादी ने किया सरेंडर
दंतेवाड़ा. नारायणपुर के इरपानार में हुई मुठभेड़ का साक्षी माओवादी सोनूराम उर्फ प्रकाश ने एडिशनल एसपी गोरखनाथ बघेल के सामने सरेंडर कर दिया। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी बघेल ने बताया कि सोनूराम अमदाई एलओएस का सदस्य था। उस पर शासन ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। सोनूराम बारसूर के गोमटेर गांव का रहने वाला है। वह एक दशक से माओवादी संगठन के लिए काम कर रहा था। सोनूराम ने माओवादी लीडरों के साथ 2013 तक जनमिलिशिया सदस्य के रुप में काम किया। संगठन के प्रति समर्पण भाव को देखते हुए उसे अमदाई एलओएस का सदस्य बनाया गया। प्रेसवार्ता में सोनूराम ने बताया कि जीजा संपत भी माओवादी थे। उन्होंने छह माह पहले नारायणपुर पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। उनके समर्पण के बाद संगठन उसे भी संदेह की दृष्टि से देखने लगा। इस भेदभाव से तंग आकर आत्मसमर्पण का मन बना लिया।

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned