कस्टमर केयर सेंटर के जरिए बैंक खाताधारक हो रहे ठगी का शिकार, ऐसे रहे अलर्ट

- अनदेखी से नुकसान: बस्तर जिले में विभिन्न बैंक के 138 ग्राहक सेवा केंद्र संचालित
- ग्राहक सेवा केंद्र संचालक को खाताधारकों की राशि में हेराफेरी करते हुए दोषी पाया

By: Ashish Gupta

Published: 05 Mar 2021, 04:30 PM IST

जगदलपुर. आपने अपने आस-पास, चलते रास्ते, गली मुहल्लों एवं चौराहों पर ग्राहक सेवा केंद्र (कस्टमर केयर सेंटर) देखा होगा। जिसे आरबीआई ने बैंक के ग्राहकों के सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक बैंक को यह अधिकार दिया कि वह छोटे-मोटे रकम निकालने वालों को बैंक की शाखा पर जाने की जरूरत न पड़े। लोग बैंकों में लम्बी लाइन लगाने के बजाय ग्राहक सेवा केंद्र से कम अमाउंट की निकासी और जमा कर सकें।

जिले में ऐसे ही 138 ग्राहक सेवा केंद्र संचालित हैं, लेकिन कुछ ग्राहक सेवा केंद्र में भोले-भाले निरक्षर ग्रामीणों के साथ रुपए के लेनदेन में ठगी कर मुनाफा कमाने का प्रयास कर रहे हैं। एक ऐसे ही मामले में नायब तहसीलदार जागेश्वरी पांडे ने घोटिया स्थित ग्राहक सेवा केंद्र संचालक को खाताधारकों की राशि मे हेरा फेरी करते हुए दोषी पाया था। ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक तुलेश्वर पांडे खाताधारक हितग्राहियों के खाते से ट्रांजैक्शन अधिक कर कम राशि उन्हें दिया करता था।

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ग्राहक सेवा केंद्र में पैसे जमा करने या निकालने वाले ज्यादातर निरक्षर होते हैं और ऐसे में वहां पर काम करने वाले उनका भरपूर फायदा उठाते हैं। कई बार स्थिति यह हो जाती है कि ग्राहक जितना चाहता है उससे कहीं ज्यादा पैसे निकासी हो जाती है और ग्राहक को उतना ही दिया जाता है जितना वह कहा होता है बाकी पैसे वहां काम करने वाले रख लेते हैं।

निकासी के समय भी जितना पैसा जमा किया जाता है उससे काम राशि उस ग्राहक के खाते में जमा कर के बाकी पैसे रख लिए जाते हैं। कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि इंटरनेट न चलने का बहाना कर ग्राहक के पैसे तो ले लिए जाते हैं लेकिन हफ़्तों दिन बाद कई बार उनके खाते में जमा होने जैसी खबरें आती हैं तो ऐसे में छोटे ग्राहकों का विश्वास धीरे-धीरे कम होता जा रहा है और ऐसे लोग ग्राहक सेवा केंद्र में अब अपनी कम रूचि दिखाने लगे हैं और फिर प्रमुख शाखाओं की तरफ मुड़ रहे हैं।

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इसका यह है निदान
इसका बस एक ही निदान है की जब आप को एक्स्ट्रा चार्ज लेने या बैंक फ्रॉड जैसे कुछ बातें पता चले तो इसकी शिकायत तहसीलदार, एसडीएम अथवा ग्राहक सेवा केन्द्र के मुख्य शाखा में कर सकते हैं। कुछ ग्राहक अपने पासबुक, कार्ड ग्राहक सेवा केंद्र में जमा कर रखते हैं। रकम निकासी और जमा करने की रशीद ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से नहीं मांगते। इसी का फायदा उठाकर कुछ ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक भोले-भाले ग्रामीणों के साथ फ्रॉड करने के प्रयास करते हैं।

राशि निकालने और जमा करने पर नहीं देना है एक्सट्रा शुल्क

आरबीआई बैंकों के खुले ग्राहक सेवा केंद्रों के लिए गाइड लाइन जारी किया कि अगर कोई ग्राहक आप के शाखा से निकासी या रकम जमा करने के पश्चात आप किसी भी प्रकार से एक्सट्रा शुल्क नही लेंगे। आप के ट्रांसेक्शन के पश्चात बैंकों के द्वारा आप को कुछ अतिरिक्त शुल्क दिया जाएगा। शुरुआती दौर में तो सब कुछ ठीक चल रहा था और ग्राहक सेवा केंद्र वाले किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लेते थे लेकिन समय गुजरा और वर्तमान स्थिति यह हो गयी है की प्रति 1000 रूपए पर 10 रूपए एक्स्ट्रा चार्ज इनसे वसूला जा रहा है। अगर किसी खाताधारक को अगर दस हजार रूपये निकालना हो या जमा करना हो तो उसे 100 रूपए अतिरिक्त चार्ज देना पड़ रहा है। ऐसे में खाताधारक के लिए यह राशि अधिक लग रही है क्योंकि ग्राहक सेवा केंद्र में रूपये जमा करने वाले या निकलने वाले ज्यादातर मजदूरी करने वाले होते हैं और उनके लिए यह राशि अधिक होती है।

Ashish Gupta
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