Corona Update: कोरोना पकड़ रहा रफ्तार, लेकिन यहां 6 केन्द्र में शुरू नहीं हो सका टीकाकरण

- कोरोना से बचाव: जिले में 23 हजार से अधिक को लग चुका है
- 58 केन्द्रों में होना था वैक्सीनेशन, 7 केन्द्रों में ही हुआ टीकाकरण

By: Ashish Gupta

Published: 15 Mar 2021, 08:06 PM IST

जगदलपुर. कोरोना के खात्मे के लिए बस्तर में वैक्सीनेशन (Coronavirus Vaccination in Bastar) का भले तेजी से करने का दंभ स्वास्थ्य विभाग भर रहा हो लेकिन असलियत तो यही है कि आज भी 50 से अधिक केंद्रों में वैक्सीनेशन के पहले चरण का दोनों डोज सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स को नहीं लग सका है। शासन व प्रशासन ने जिले के 58 केंद्रों में वैक्सीनेशन शुरू करने के लिए केंद्र तैयार किये थे। लेकिन अभी भी 45 केंद्रों में टीकाकरण का काम जारी है।

इतना ही नहीं अब तक सिर्फ 7 केंद्र ऐसे हैं जहां टीकाकरण का काम पूरा हुआ है। इससे साफ है कि वैक्सीनेशन की गति काफी धीमी है। यही गति रही तो वैक्सीनेशन के आम आदमियों तक पहुंचने में काफी समय लग जाएगा। अब तक वैक्सीनेशन के पहले चरण का काम पूरा नहीं हुआ है ऐसे में लोगों को कोरोना से अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।

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विभाग का कहना है
वैक्सीनेशन के साथ कोरोना की जांच से लेकर अन्य तरीके के टीकाकरण का काम स्वास्थ्य विभाग कर रहा था। आरके चतुर्वेदी, सीएमएचओ का कहना था कि पहले चरण का कोविशील्ड की डोज 23 हजार लोगों को लगा दी गई है। अब रफ्तार बढ़ गई है। विभाग की टीम सभी तरह की चुनौतियों से लडऩे के लिए तैयार है।

पहले चरण में 60 फीसदी फ्रंटलाइन वर्कर्स ने लगवाई वैक्सीन
वैसे तो कोरोना के वैक्सीनेशन की शुरूआत 16 जनवरी से शुरू हो गया है। लेकिन पहले चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स और अफवाहों के बीच शुरूआत काफी धीमी रही। लेकिन अब लोगों में जागरूकता बढ़ी है और अब लोग खुद से वैक्सीनेशन के लिए केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। यह जागरूकता लोगों में दो महीने बाद आयी है।

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यही वजह है कि आज जिले के 45 केंद्रों में वैक्सीनेशन कार्यक्रम चल रह है। वहीं अब तक जिले में 23 हजार से अधिक लोगों को कोरोना की वैक्सीनेशन लग चुकी है। इसमें पहले चरण के 60 फीसदी फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लग चुका है। इधर कोराना टीका लगवाने का प्रचार लगातार जारी है।

विभाग के पास अभी भी चुनौतियां कम नहीं
कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक प्रदेश में कोरोना ने दे दी है। ऐसे में एक ओर जांच में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम को वैक्सीनेशन में भी जुटना पड़ रहा है। इतना ही नहीं इसी बीच में कई टीकाकरण और जांच कार्यक्रम चलाये गए। जिसमें पोलियो, मलेरिया और जापानी बुखार के टीकाकरण शामिल हैं। अब सीमित स्टाफ से इन कार्यक्रमों के साथ कोरोना की जांच और उसके ट्रीटमेंट से लेकर वैक्सीनेशन तक का काम करना पड़ रहा है। यही वजह है कि वैक्सीनेशन कार्यक्रम धीमी रफ्तार से चल रहा है।

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