दलपत को जलकुंभी मुक्त देखने लोगों का सपना, सपना ही रह गया, 44 लाख खर्च के बावजूद, जस का तस

करीब सालभर पहले जोर-शोर से की थी सफाई, किए गए थे बड़े-बड़े दावे, 44 लाख खर्च के बावजूद दलपत को जलकुंभी मुक्त करने के दावे फेल

By: ajay shrivastav

Published: 12 Nov 2017, 12:09 PM IST

विक्रम साहू/जगदलपुर. 2016 में दलपत सागर से जलकुंभी को हटाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर महाअभियान शहर में चलाया गया था, एक साल बाद फिर से दलपतसागर में जलकुंभी फैलने लग गई है। दलपतसागर में निगम कर्मी, मछुआरे व नगर सेना व सामाजिक संगठनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। दलपतसागर फिर से अपनी सफाई के लिए पुकार रहा है, लेकिन जिला प्रशासन और निगम ने अनदेखा कर दिया है।

जलकुंभी हटाने के लिए तरह तरह के उपाय किए गए
2016 में जिला प्रशासन की पहल पर नगर सेना के 30 कर्मचारी, 30 मछुआरे , 25 निगम कर्मी और 17 ड्राइवर जलकुंभी की सफाई के लिए लगाए गए थे। इसके अलावा 5 जेसीबी, 10 पोकलेन , 5 ट्रक सुबह से शाम तक सफाई के लिए लगे रहे। सफाई के लिए शहर के अधिकांश लोगों ने सुबह से शाम तक पसीना बहाया था, जलकुंभी की सफाई के लिए तात्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया ने जोर दिया था, लेकिन उनके जाने के बाद दलपत सागर की सफाई ठंडे बस्ते में चले गई है। नगर निगम भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जलकुंभी हटाने के लिए तरह तरह के उपाय किए गए, दवाओं का छिड़काव और ब्राजील से मक्खी लाई गई, लेकिन सब बेअसर साबित हो रहा है। जलकुंभी की वजह से दलपत सागर अस्तित्व खोता जा रहा है। जिला प्रशासन व निगम इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रही है। दलपत सागर में देशी मछलियों का संरक्षण करने की भी योजना बनाई गई थी, वह भी केवल कागजी साबित हो रहा है।

इतने कर्मचारियों ने की थी सफाई
नगर सेना : 30
मछुआरे : 30
निगम कर्मी: 25
ड्राइवर : 17

इतनी लगी थी मशीनें
जेसीबी: 5
पोकलेन : 12
ट्रक : 5
खर्च : 44 लाख

बोटिंग भी बंद
पिछले वर्ष दलपत सागर की सैर करने के लिए यहां बोटिंग की शुरुआत की गई थी, उसका लाभ भी शहरवासी नहीं ले पा रहे हैं। बोटिंग पिछले कुछ माह से बंद है, यहां सैर के लिए आने वाले लोगों को निराशा हाथ लग रही है। वहीं दलपत सागर के बीच में स्थित मंदिर के जीर्णोद्वार करने की योजना बनाई गई थी, यह भी कागजों तक ही सीमित रह गई है। वर्तमान में दलपतसागर आईलैंड में सात करोड़ की लागत से सौंदर्यकरण का कार्य चल रहा है।

भूमाफियों की नजर
दलपतसागर बचाओं जनआंदोलन मंच के जिला संयोजक संजीव शर्मा ने बाताया कि, दलपतसागर पर भूमाफियाओं की नजर है। पिछले वर्ष जो सफाई अभियान का नाटक या नौटंकी की गई वह भूमाफियाओं के साथ मिलकर की गई थी। वर्तमान में जिला प्रशासन और निगम सफाई के लिए कोई पहल नही कर रहा है। जलकुंभी बढऩे लगी है।

निगम दें ध्यान
पार्षद व युवा आयोग सदस्य संग्राम सिंह राणा ने बताया कि, दलपतसागर की जलकुंभी मुक्त बनाने के लिए निगम को ध्यान देना चाहिए, इतने सारे लोगों ने सफाई में अपना योगदान दिया था, वह व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। सफाई फिर से होनी चाहिए।

दलपतसागर में अभी पानी भरा हुआ है
महापौर जतीन जायसवाल ने बताया कि, दलपतसागर में अभी पानी भरा हुआ है, बरसात में फिर से जलकुंभी की सफाई के लिए प्रयास किया जाएगा।

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