टेस्टिंग के दौरान 14 मार्च को लापता Cobra battalion का Drone, नहीं मिला अबतक, कीमत जान हैरान रह जाएगें आप

डीआरडीओ ने इसे सैन्य उपयोग के तर्ज पर विकसित किया है। यह अत्यंत संवेदनशील ड्रोन है। प्रत्येक ड्रोन में दो कैमरे लगे है।

जगदलपुर. नक्सलियों की निगरानी के लिए सीआरपीएफ के कोबरा को मिले नेत्रा श्रेणी के मिनी यूएवी में से एक 14 मार्च से लापता है। बताया जा रहा है कि, इसे कोबरा बटालियन के लिए आबंटित किया गया था। इसके माध्यम से जगदलपुर-बीजापुर रूट की फोटा व वीडियोग्राफी की जाती थी।

आसपास सर्चिंग करवाई गई लेकिन अबतक इसका पता नहीं चला
पिछले दिनों कोबरा की टेक्निकल टीम करनपुर में इसकी टेस्टिंग के लिए इसे उड़ाया गया था। लगभग आधे घंटे बाद इसका संपर्क टूट गया इसके बाद आसपास के इलाकों में सर्चिंग करवाई गई लेकिन अबतक इसका पता नहीं चल पाया है। इस संबंध में कोबरा बटालियन के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो पाया।

10 किलोमीटर की परिधि में कारगर
डीआरडीओ ने इसे सैन्य उपयोग के तर्ज पर विकसित किया है। यह अत्यंत संवेदनशील ड्रोन है। प्रत्येक ड्रोन में दो कैमरे लगे है जिसमें एक कैमरा 360 डिग्री तो दूसरा 180 डिग्री घूमकर वीडियो व तस्वीरें कैद कर सकते हैं। दस किलोमीटर की परिधि में होने वाली गतिविधियों को यह आसानी से कैद कर सकता है। इनमें थर्मल सेंसर भी लगे हुंए है।

25 लाख है इस ड्रोन की कीमत
केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के सर्विलांस के लिए डीआरडीओ की देखरेख में मिनी यूएवी ने़त्रा का निर्माण करवाया जा रहा है बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 45 बटालियन मौजूद है। नक्सलियों की लोकेशन ट्रैस करने के लिए बलों को एक दर्जन से अधिक ड्रोन दिए गए है। सूत्रों के मुताबिक इनकी कीमत 25 लाख रूपए है।

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