जगदलपुर

नक्सलगढ़ बोदली में पहलीबार नियद नेल्ला नार, राशन व इलाज अब गांव में ही, नहीं पार करना होगा मौत वाला यह ५ किमी का रास्ता

– आजादी के ७५ साल बाद गांव में नक्सलवाद का अधेंरा दूर होकर पहुंचा विकास का उजियारा- राशन दुकान, पंचायत भवन, उप स्वास्थ्य केन्द्र सहित सडक़-पुलिया हुए तैयार- राशन दुकान में खाद्यान्न भंडारण से गांव में ही मिलने लगी सामग्रियां

जगदलपुरFeb 26, 2024 / 10:52 pm

Shaikh Tayyab

जगदलपुर. सरकार की महत्वकांक्षी योजना नियद नेल्लानार को लागू करने वाला बस्तर पहला जिला बन गया है। यहां के नक्सलगढ़ माने जाने वाले बोदली के ग्रामीण इससे काफी खुश है। उनका कहना है कि अब उन्हें राशन और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के लिए पहाड़ी, पगडंडी और नक्सलियों द्वारा लगाए गए बूबी ट्रेप और आईईडी वाले रास्ते को पार करके ५ किमी का सफर तय नहीं करना पड़ेगा। गांव के बीच में ही उन्हें सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। गांव में ही शक्कर, चना, गुड़, नमक समेत अन्य सामान अब गांव में ही मिलने शुरू हो गए हैं। इसी के साथ सरकार की इस योजना को अम्लीजामा पहनाने वाला प्रदेश का यह पहला जिला बन गया है।

आज से गांव में ही यह सुविधा मिलनी हुई शुरू
लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड अंतर्गत अतिसंवेदनशील बोदली ईलाके में शासन की नियद नेल्ला नार योजना से अब विकास का उजियारा होने लगा है। सोमवार से ही गांव में राशन दुकान प्रारंभ कर खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामग्रियों का भंडारण किया गया है। साथ ही गांव में नवीन ग्राम पंचायत भवन, उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक शाला भवन तथा सडक़-पुलिया निर्माण कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है। इन सभी सुविधाओं को गांव में ही पाकर यहां के ग्रामीणों ने राहत की संास तो ली है साथ ही इसे विकास की मुख्यधारा से जुडऩे के लिए खासे उत्साहित हैं।
क्यों खास है बोदली गांव
बोदली गांव कभी नक्सलयों का कोर इलाका माना जाता था। यहां पर नक्सली दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां सडक़ बनाने के दौरान नक्सली दर्जनभर से अधिक निर्माण कार्यों में लगे वाहनों को आग के हवाले कर चुके हैं और कई बार आईईडी विस्फोट भी कर चके हैं। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां कैंप खोला गया और ग्रामीण संगीनों के साये में रहने को मजबूर थे। लेकिन अब यहां की फिजा बदल रही है। लोहंडीगुड़ा विकासखंड का अतिसंवेदनशील ग्राम पंचायत बोदली में मूलभूत सुविधाओं को गति दी गई है।
गांव के पटेल पांडेराम बोले नहीं पार करना होगा अब पगडंडी और पहाड़ी रास्ते
गांव के पटेल पाण्डेराम बताते हैं कि पहले बसाहट से काफी दूर पुलिस कैम्प के समीप अस्थायी रूप से राशन दुकान संचालित किया जाता था इससे खेतों को पगडण्डी से पार कर खाद्यान्न एवं जरूरी सामान लेने जाने में दिक्कत होती थी लेकिन अब गांव में राशन दुकान प्रारंभ होने पर उक्त समस्या से निजात मिल गई है। वहीं महिला सरपंच दुरपति कश्यप ने कहा कि सडक़ भी तैयार हो रही है। पंचायत भवन भी बन गया है। गांव अब विकास की नई इबारत लिखेगा।
क्या है नियद नेल्लानार योजना
राज्य सरकार ने नियद नेल्ला नार यानि आपका अच्छा गांव योजना शुरू की है। योजना के जरिए बस्तर वासियों को मूलभूत सुविधाओं के साथ जोड़ा जा रहा है। यह योजना विकास कैंप (पुलिस कैंप) के आसपास के गांव में लागू किया जा रहा है। जिनके तहत शासकीय भवन, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे। साथ ही, आधुनिक सुविधाएं जैसे बैंक, एटीएम, मोबाइल टावर आदि स्थापित किए जा रहे है। सरकार ने अधोसंरचना किया जाना है। इसके साथ ही अधोसंचरचना विकास के तहत पेयजल, हाई मास्ट सोलर लाइट, खेल मैदान, उप स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय। सभी बसाहटों में मनोरंजन केंद्र, पांच टीवी सेट डीटीएच। ब्लाक और जिला मुख्यालयों में छात्रावास की व्यवस्था। गांव का मुख्य मार्गों से जुड़ाव। प्रधानमंत्री आवास दिए जाएंगे, प्राथमिक शालाएं खुलेंगी। इसके साथ ही आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी इसमें प्लान है।
वर्सन
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा विकास
जिले का सर्वांगीण विकास यहां पहुंचाना प्राथमिकता है। पदस्थापना के एक सप्ताह के अंदर इस गांव का दौरा किया था। इसके बाद से ही विकास पहुंचाने का काम शुरू हो गया था। सरकार की योजना नियद नेल्लानार यहां पहुंचा दी गई है। अब यहां के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक घर को आगामी एक वर्ष तक 500 यूनिट तक नि:शुल्क बिजली, कौशल उन्नयन की योजनाएं, वन ग्रामों को राजस्व ग्राम, वन अधिकार पत्र, किसानों को सम्मान निधि, शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य योजना के तहत-आयुष्मान काड, पीडीएस के तहत राशन, प्रत्येक परिवार को निशुल्क उज्ज्वला गैस कनेक्शन, महतारी वंदन व अन्य योजनाओं का लाभ समेत नियद नेल्ला नार योजना के जरिए सभी सुविधाएं पहुंचाएं जाएंगे।
विजय दयाराम के., कलेक्टर, बस्तर


फैक्ट फाइल
जिला मुख्यालय से यहां की दूरी – ११० किमी
पहुंचमार्ग – नारायणपुर या दंतेवाड़ा से होकर जाना पड़ता है
आश्रित गांव – सालेपाल, कहचेनार, टेटम
यहां की कुल जनसंख्या – १०४१

Hindi News / Jagdalpur / नक्सलगढ़ बोदली में पहलीबार नियद नेल्ला नार, राशन व इलाज अब गांव में ही, नहीं पार करना होगा मौत वाला यह ५ किमी का रास्ता

Copyright © 2024 Patrika Group. All Rights Reserved.