लॉकडाउन के 40 दिन 47 प्रतिशत तक बढ़ गया माल भाड़ा, जनता की जेब पर इसका सीधा असर अब....

रायपुर से 850 रुपए टन की जगह 1200 रुपए क्विंटल में आ रहा माल- लॉकडाउन से 15 दिन पहले तक 60 रुपए प्रति टन में भी जगदलपुर आया माल

By: Badal Dewangan

Published: 10 May 2020, 11:39 AM IST

जगदलपुर। लॉकडाउन के चलते ट्रकों के माल भाड़े में ४० प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है। लॉकडाउन के ४७ दिन में ४० प्रतिशत तक के माल भाड़े में हुए इजाफे ने बाजार पर व्यापक असर डाला है। सबसे ज्यादा किराना व्यापार इससे प्रभावित हुआ है। चावल और आटे के दाम में १०० रुपए प्रति क्विंटल तक का फर्क आ गया है। इस बीच बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का कहना है कि संघ मुक्त परिवहन से ही हालात सामान्य होंगे। लॉकडाउन शुरू होने से पहले जहां ८५० रुपए प्रति टन रायपुर से माल लोड हो रहा था तो वहीं अब यह १२०० रुपए पर जा पहुंचा है। चेंबर की तरफ से दावा किया जा रहा है कि लॉकडाउन से १५ दिन पहले तक ६०० रुपए टन में भी माल जगदलपुर आया है। एरायपुर के ट्रांसपोर्टरों का इस पर कहना है कि उन्हें वापसी में जगदलपुर से लोड नहीं मिल पा रहा है इसलिए उन्होंने रेट बढ़ाया है। समय के साथ हालात सामान्य हो जाएंगे। भाड़े में इजाफे पर ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि लॉकडाउन में उनका व्यवसाय भी अन्य व्यवसायों की तरह घाटे में चल रहा है। इसलिए भाड़े में इजाफा करना उनकी मजबूरी है। माल भाड़ा बढऩे से राशन सामग्री की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।

रात 9 बजे के बाद शहर में अनलोड हो रही गाडिय़ां
प्रशासन ने शहर के बाहर तीन प्वाइंट बनाए हैं जहां गाडिय़ों की लोडिंग और अनलोडिंग होनी है। अगर ट्रक शहर के भीतर दाखिल होकर खाली करना है तो इसके लिए रात ९ बजे से सुबह ७ बजे तक का समय तय है। हालांकि बाहरी राज्यों से आने वाली ट्रकों को शहर में दाखिल होने नहीं दिया जा रहा है। उन्हें निर्धारित स्थान पर ही माल खाली करना पड़ रहा है। वहां से छोटे वाहन में माल शहर लाए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि ड्राइवर और कंडक्टर के जरिए किसी तरह का खतरा शहर में दाखिल ना हो जाए।

आपूर्ति बाधित ना हो पहली प्राथमिकता, रेट में मामूली वृद्धि: चेंबर
चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष किशोर पारख ने कहा कि जिस दिन लॉकडाउन घोषित हुआ उसी दिन से राशन सामग्री की सप्लाई हर जिले तक करने की पहल हुई। इसे लेकर ट्रांसपोर्टरो से चर्चा हुई। रायपुर तक के ट्रांसपोर्टर से समन्वय स्थापित किया गया। फिलहाल अगर माल भाड़े में इजाफा हुआ है और बस्तर का व्यापारी उसका सामना कर रहा है तो यह उसकी मजबूरी है। कोशिश की जा रही है कि इसका असर व्यापार पर बिल्कुल भी ना पड़े। राशन सामग्री व अन्य जरूरी चीजों की कीमतों में इस वजह से इजाफा जरूर हुआ है।

संघ मुक्त परिवहन की जरूरत
- अनाज और राशन सामग्री की कीमतों में इजाफा हुआ है। इसके पभ्ीछे का प्रमुख कारण परिवहन संघ के द्वारा तय किया गया माल भाड़ा ही है। व्यापारी ज्यादा भाड़ा दे रहे हैं इसलिए माल की कीमतें भी बढ़ी हैं और यह स्वभाविक है। परिवहन संघों को यह समझना होगा कि हर बार उन्हें वापसी का लोड मिले यह जरूरी नहीं है। यह मुश्किल दौर है ऐसे वक्त में उन्हें व्यापारियों को समझना होगा।
मोहर झा, चेंबर उपाध्यक्ष और किराना व्यवसायी

आयरन का लोड मिलते ही सब सामान्य हो जाएगा
लॉकडाउन की वजह से जगदलपुर और आरापुर रेक बंद है वहां से रायपुर के ट्रक ऑपरेटरों को वापसी में आयरन ओर का लोड नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से रेट बढ़ा हुआ है। पहले ८५० का रेट चल रहा था जो अब ११०० से १२०० के बीच तय कर दिया गया है। आयरन ओर का काम जैसे ही शुरू होगा सबकुछ सामान्य हो जाएगा।
खेम देवांगन, ट्रांसपोर्टर

दक्षिण बस्तर में भ्भाड़ा बढऩा स्वभाविक
- रायपुर से ही जब १२०० के रेट में माल आ रहा है तो जदगलपुर से सुकमा, बीजापुर या दंतेवाड़ा ले जाने में माल भाड़ा बढऩा स्वभाविक है। पहले न्यूनतम व़ृद्धि होती थी जो कि अब काफी बढ़ चुकी है। अंदरूनी जिलों में इसके चलते महंगाई भी बढ़ी है। हम अपना काम पूरी इमानदारी से कर रहे हैं लॉकडाउन के बाद हालात सामान्य हो जाएंगे।
हनुमान डोडिया, ट्रांसपोर्टर

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