शासन ने किसानों को धान बेचने दुबारा दिया मौका, फिर भी बस्तर जिले के 87 किसान नहीं बेच सके अपना धान, जानिए क्यों

तीन दिन मेंं कुल २३७ किसानों ने खरीदी केन्द्र में बेचा धान

जगदलपुर। राज्य शासन ने टोकन ले चुके धान खरीदी से वंचित हो चुके किसानों को दुबारा धान बेचना मौका दिया था। इसका फायदा उठाते हुए जहां जिले के २३७ किसानों ने ७३४६ क्विंटल धान खरीदी केन्द्रों में बेचा। वहीं अंतिम दिन भी ४ किसान ही धान बेचने नहीं पहुंचे। इसके चलते ८७ किसान फिर से धान बेचने में वंचित हो गए हैं।

२३७ किसानों ने कुल ५६०० क्विंटल धान उपार्जन केन्द्रों बेच चुके
राज्य सरकार ने धान खरीदी खत्म होने के बाद टोकन ले चुके किसान धान बेचने से वंचित हो गए थे। इसका विरोध राज्य भर के किसानों ने करते हुए दुबारा धान खरीदी आरंभ करने की मांग की थी। किसानों की मांग पर शासन ने बड़ी राहत देेते हुए शासन ने दुबारा धान खरीदी १६ मार्च से शुरू कर १९ मार्च तक की तिथि निर्धारित किया। बस्तर जिले में टोकन लेने वाले ऐसे ३२४ किसानों को केन्द्रों में धान बेचने के लिए तीन दिन का समय दिया गया। इसके चलते बस्तर जिले में विगत तीन दिनों में अब तक कुल २३७ किसानों ने कुल ५६०० क्विंटल धान उपार्जन केन्द्रों बेच चुके हैं, जबकि शेष १३६ किसान अब तक धान नहीं बेचने केन्द्रों में नहीं पहुंचे हैं, इन सभी किसानों के पास आज धान बेचने का अंतिम मौका है।

अंतिम दिन बारिश के साथ बर्फबारी ने डाला खलल
खरीदी केन्द्र प्रभारियों का कहना है कि अंतिम दिन गुरुवार को बारिश के साथ भारी बर्फबारी ने धान खरीदी में खलल डाला है। बारिश के चलते धान बेचने के लिए केवल ४ किसान ही केन्द्र पहुंच पाए। बारिश के चलते धान खरीदी के अंतिम दिन भयानक बारिश से धान को बचाने केन्द्र प्रभारियों का काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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